महोबा में आरोग्य मेले में 147 मरीज पहुंचे, मौसमी बीमारियों की हुई जांच
महोबा जिले में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित 147 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उन्हें निःशुल्क दवाएं और परामर्श दिया गया।

संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 6 सितंबर 2026
महोबा जिले के अजनर, खमा और अकौना स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में मौसमी बीमारियों से ग्रसित बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इन मेलों में कुल 147 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयां तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी महोबा, डॉ. बिनय कुमार के नेतृत्व में तथा चिकित्साधीक्षक जैतपुर, डॉ. पी.के. सिंह की देखरेख में सम्पन्न हुए इन आरोग्य मेलों का मुख्य उद्देश्य लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुगम बनाना और मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना था। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के सरकारी प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जांच और उपचार
अजनर आरोग्य चिकित्सालय में डॉ. रामकुमार, एएनएम नीतू, स्टाफ नर्स भगवती, शैलेन्द्र द्विवेदी एवं अरुण की समर्पित टीम ने कुल 52 मरीजों की जांच की। इस दौरान, लैब टेक्नीशियन शैलेन्द्र द्विवेदी ने 8 मरीजों के आवश्यक नैदानिक परीक्षण भी किए, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति का सटीक आकलन करने में मदद मिली।
इसी क्रम में, खमा स्वास्थ्य उपकेंद्र पर डॉ. प्रेम नारायण शर्मा, डॉ. जे.पी. पास्तोर, डॉ. शैलेन्द्र सिंह एवं स्टाफ नर्स किरण की टीम ने 48 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। इन दवाओं में विभिन्न सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए निर्धारित औषधियाँ शामिल थीं। वहीं, अकौना स्वास्थ्य उपकेंद्र पर भी 47 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया, जिसमें दवा वितरण भी शामिल था।
चिकित्सकों की मौसमी बीमारियों पर सलाह
आयोजित मेलों में चिकित्सकों ने बारीकी से मरीजों की जांच की और पाया कि बड़ी संख्या में मरीज मौसमी बीमारियों जैसे कि वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, और पेट संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे। इस अवलोकन के आधार पर, डॉक्टरों ने उपस्थित लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उबले हुए या स्वच्छ पानी पीने, पौष्टिक और संतुलित आहार लेने तथा मौसम के अनुसार अपने खान-पान और जीवनशैली में आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी।
चिकित्सकों ने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना और उचित उपचार प्राप्त करना अधिकांश मौसमी बीमारियों से प्रभावी ढंग से बचाव का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच के लाभों को रेखांकित किया और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को गंभीरता से लेने तथा उसका तुरंत निवारण कराने के लिए प्रेरित किया। यह सलाह विशेष रूप से बरसात और मानसून के मौसम में संक्रामक रोगों के फैलने के खतरे को देखते हुए अत्यंत प्रासंगिक थी।
