महोबा में 150 महिला किसानों को जलवायु अनुकूल खेती का प्रशिक्षण, बीज वितरित
महोबा में 150 महिला किसानों को जलवायु अनुकूल खेती का प्रशिक्षण दिया गया। जैतपुर विकासखंड की महिलाओं को उन्नत बीज भी बांटे गए, जिससे उनकी...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 27 अक्टूबर 2026
महोबा के कुलपहाड़ में ग्रामोन्नति संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष दो दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से जैतपुर विकासखंड की 150 महिला किसानों को जलवायु अनुकूल खेती की प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल के तहत उन्हें उन्नत किस्म के बीज भी वितरित किए गए, जिसका उद्देश्य बदलते मौसम और कठिन जलवायु परिस्थितियों के बीच कृषि को टिकाऊ बनाना तथा किसानों की आजीविका को मजबूत करना है।
यह आयोजन सूर्य शक्ति आजीविका परियोजना के अंतर्गत राठ रोड स्थित किशोरी कुंज वाटिका में 26 और 27 अक्टूबर को संपन्न हुआ। इसमें मुढ़ारी, लाडपुर, कुलपहाड़ ग्रामीण, कमालपुरा, बुधौरा, सुगिरा, बम्हौरी खुर्द, भटेवर खुर्द, सिरमोर और मोहरी जैसे दस गांवों की महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाना था।
आधुनिक तकनीकों से सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा महिला किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। संस्थान की निदेशिका कल्पना खरे ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने महिला किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कृषि विशेषज्ञ रुद्र प्रताप मिश्रा ने बदलते जलवायु चक्र के अनुरूप खेती की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीजों के चयन और उनके प्रभावी उपयोग के महत्व को समझाया। इस दौरान, उषा अग्रवाल ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक और आर्थिक भागीदारी महिलाओं के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
भविष्य में भी निरंतरता का भरोसा
प्रशिक्षण सत्र के समापन पर, महिला किसानों को उन्नत किस्म के बीज वितरित किए गए और उन्हें उन्नत खेती का प्रदर्शन भी दिखाया गया। संस्थान के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर महेश कुमार ने भविष्य में भी ऐसी जागरूकता कार्यशालाओं को निरंतर आयोजित करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी लक्ष्मीकांत दीक्षित, महेश चंद्र चौरसिया और फील्ड स्टाफ के सदस्य भी उपस्थित रहे। यह पहल महिला किसानों की क्षमता वृद्धि और कृषि क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे उनकी उत्पादकता और आत्मनिर्भरता में वृद्धि की उम्मीद है।
