महोबा: डीएम ने गोरखगिरि पर्यटन परियोजना का किया निरीक्षण, खामियां दूर करने के निर्देश
महोबा जिलाधिकारी प्रभाष कुमार ने गोरखगिरि पर्यटन परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी और खामियां दूर करने के निर्देश दिए।

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 22 अक्टूबर 2026
महोबा में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही गोरखगिरि पर्यटन परियोजना के निर्माण कार्यों का जिलाधिकारी प्रभाष कुमार ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण में कुछ खामियां पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति रिपोर्ट पर गौर करते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय मानकों के अनुरूप पूरे हों। साथ ही, उन्होंने शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश भी जारी किए।
गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समयबद्धता पर जोर
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने परियोजना के विभिन्न प्रावधानों और प्रस्तावित सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि पाई गई कमियों का शीघ्रता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें।
जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि गोरखगिरि परियोजना जिले में पर्यटन को नई पहचान दिलाने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। इसके पूरा होने से स्थानीय पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण में गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता न करने की कड़ी हिदायत दी। इस अवसर पर पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त, राजकीय निर्माण निगम और यूपीपीसीएल के वरिष्ठ अभियंता भी मौजूद रहे।
पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर ध्यान
जिलाधिकारी प्रभाष कुमार ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि परियोजना के निर्माण का अंतिम उद्देश्य पर्यटकों को एक उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करना है। इसलिए, न केवल निर्माण की गुणवत्ता बल्कि पर्यटकों के लिए आवश्यक सभी सुविधाओं, जैसे कि पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और सूचना केंद्रों की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोरखगिरि जैसे प्राकृतिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थल को विकसित करने का लक्ष्य है कि यह प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी जगह बना सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक चरण में पर्यावरण संरक्षण के मानकों का भी ध्यान रखा जाए। किसी भी निर्माण गतिविधि से प्राकृतिक सौंदर्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। स्थानीय संस्कृति और विरासत को संरक्षित करते हुए विकास कार्य किए जाने चाहिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
कार्यदायी संस्थाओं को जवाबदेही का अहसास
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें परियोजना के महत्व और इसमें उनकी भूमिका के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस परियोजना को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसलिए, किसी भी प्रकार की देरी या गुणवत्ता में कमी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे स्वयं नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे और परियोजना की प्रगति की बारीकी से निगरानी रखेंगे।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर कार्य को गति देने का निर्देश दिया। पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग, और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल बिठाकर काम करने की सलाह दी गई ताकि किसी भी स्तर पर कोई बाधा उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने उम्मीद जताई कि सभी के सामूहिक प्रयासों से गोरखगिरि पर्यटन परियोजना शीघ्र ही अपने अंतिम स्वरूप में आएगी और महोबा को पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान दिलाएगी।
