महोबा: बारिश में तिरपाल तले हुआ अंतिम संस्कार, ग्रामीणों में रोष
महोबा जिले के महेबा गांव में श्मशान घाट पर पक्के शेड और सुगम रास्ते के अभाव में ग्रामीणों को बारिश के बीच तिरपाल के नीचे...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 25 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर चिंताजनक स्थिति में सामने आई है। जैतपुर विकासखंड के ग्राम महेबा में एक कैंसर पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु के बाद, बारिश और श्मशान घाट पर पक्के शेड की अनुपलब्धता के कारण अंतिम संस्कार का कार्य अत्यंत कठिन परिस्थितियों में संपन्न हुआ। मनोज कुमार नामक व्यक्ति के निधन के बाद, लगातार हो रही बारिश ने परिजनों को शव को दो दिनों तक घर में ही रखने के लिए मजबूर किया, क्योंकि श्मशान भूमि पर कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं थी।
शुक्रवार को, जब बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी, तब स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर बल्लियों के सहारे तिरपाल लगाकर एक अस्थायी आश्रय बनाया। इसी अस्थाई ढांचे के नीचे मनोज कुमार को मुखाग्नि दी गई। यह दृश्य गांव की अव्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करने वाला था, जहाँ लोगों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है।
श्मशान तक पहुंचने में घोर अव्यवस्था
ग्राम महेबा के निवासियों ने श्मशान घाट तक पहुंचने वाले मार्ग की जर्जर हालत पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग पूरी तरह से दलदल और कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे अर्थी ले जाना भी एक दुर्गम कार्य बन गया है। मार्ग का संकरा और खराब होना अक्सर अंतिम संस्कार यात्राओं को बाधित करता है, जिससे शोक संतप्त परिवारों को अतिरिक्त पीड़ा उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि श्मशान भूमि पर पक्के शेड के निर्माण और सड़क सुधार के लिए पूर्व प्रधान मोहन, सतीश और बाबूलाल सहित कई लोगों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लिखित शिकायतें सौंपी हैं। इन शिकायतों के बावजूद, समस्या का कोई प्रभावी और स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला जा सका है।
जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप
बारिश के दौरान इस प्रकार की घटना ने स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी को जन्म दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि कैसे बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल गांव में मोक्ष धाम का पक्का निर्माण कराने और श्मशान तक पहुंचने वाले मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका मानना है कि इससे भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस दुखद परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में, गांव की यह दयनीय स्थिति बुनियादी नागरिक सुविधाओं के अभाव को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है।
