महोबा: अजनर थाने में समाधान दिवस, भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के निर्देश
महोबा के अजनर थाने में आयोजित समाधान दिवस में पुलिस-राजस्व अधिकारियों ने जन शिकायतों पर सुनवाई की। भूमि विवाद के मामले में पूर्व पैमाइश छोड़...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 24 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में स्थित अजनर थाना परिसर में शनिवार को एक महत्वपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक वंदना सिंह और अपर जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता करते हुए आम नागरिकों की राजस्व और पुलिस विभाग से संबंधित जन शिकायतों को सुना। इसका मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर गुणवत्तापूर्ण निपटारा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
इस समाधान दिवस के दौरान भूमि विवाद से जुड़ा एक पुराना मामला विशेष चर्चा का विषय रहा। कैलाश तिवारी और सतीश तिवारी की जमीन पर काबिज ओमप्रकाश, मनीराम और द्वारका नामक व्यक्तियों ने अपनी जमीन की पुनः पहचान और पैमाइश की मांग की। पूर्व में उपजिलाधिकारी, कुलपहाड़ के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा की गई पैमाइश के बाद कैलाश और सतीश को जमीन का कब्जा दिलाया गया था। हालाँकि, ओमप्रकाश की नई शिकायत के मद्देनज़र, अधिकारियों ने राजस्व विभाग को यह निर्देशित किया है कि पूर्व में नापी गई भूमि को छोड़ते हुए, ओमप्रकाश और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमि की अलग से पैमाइश की जाए।
भूमि विवादों के निपटारे के लिए विशेष निर्देश
अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पैमाइश की पूरी प्रक्रिया अभिलेखों के आधार पर और अत्यंत पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हो, ताकि किसी भी पक्ष के साथ कोई अन्याय न हो। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी वैध भूमि से वंचित न रहना पड़े। इस प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
इस समाधान दिवस कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी, कुलपहाड़, अजनर थाना प्रभारी विनोद कुमार, राजस्व विभाग के लेखपालगण तथा थाने के समस्त उपनिरीक्षक भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे। यह कदम क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले विभिन्न विवादों को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रयास माना जा रहा है।
