महोबा: अजनर गांव में गंदगी का अंबार, ग्रामीण परेशान
महोबा के ग्राम पंचायत अजनर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। नालियां भरी व सड़कें गंदगी से अटी हैं, जिससे दुर्गंध व जलभराव की समस्या है। ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 5 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के ग्राम पंचायत अजनर में व्याप्त उपेक्षा के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। गांव के विभिन्न मोहल्लों और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं, वहीं नालियां गंदगी और कीचड़ से अटी पड़ी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण दुर्गंध और जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सफाई अभियान केवल कागजों में ही चलाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। नालियों से बहता हुआ गंदा पानी सड़कों और गलियों में फैल रहा है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी शिकायत की है कि पिछले कई वर्षों से सफाई कर्मचारी नियमित रूप से गांव में दिखाई नहीं देते, जिससे समस्या और विकट हो गई है।
यह स्थिति न केवल स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही है, बल्कि मच्छरों और अन्य कीट-पतंगों के पनपने का भी प्रमुख कारण बन रही है। जलभराव के कारण सड़कों का भी बुरा हाल है, जो आवागमन को और अधिक कठिन बना रहा है।
ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्राम अजनर के निवासी गोपीचंद्र, अभिनव, अंकित, अभिषेक, मुन्ना, आलोक और सुरेंद्र सहित कई अन्य लोगों ने गांव की बदहाल सफाई व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने, कचरा उठाने की व्यवस्था को सुचारू बनाने और नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार स्थानीय अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता से समस्या और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय निवासियों ने यह भी उल्लेख किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता के लिए आवंटित धन का सदुपयोग नहीं हो रहा है, जिसके कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे। यह स्थिति स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रही है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
