महोबा: 72 घंटे की मूसलाधार बारिश से अजनर में तबाही, दर्जनों घर मलबे में तब्दील
महोबा के अजनर क्षेत्र में पिछले 72 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। दर्जनों कच्चे मकान, पशुवाड़े और दीवारें ढह गईं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे और राहत की मांग की है।

संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 4 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के अजनर क्षेत्र में पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मूसलाधार वर्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों की नींव कमजोर पड़ने से दर्जनों मकान, पशुवाड़े और घरों की दीवारें ढह गईं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई परिवार बेघर हो गए हैं और उनका सारा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया है। हालांकि, गनीमत है कि अभी तक किसी भी जनहानि की खबर नहीं है।
बारिश की मार झेलने वाले कुछ ग्रामीणों में रामदास राजपूत, जिनके भूसे वाला घर गिर गया, बालचंद्र राजपूत और राजू ठाकुर, जिनके पशुवाड़े क्षतिग्रस्त हुए, राजू कुशवाहा, जिनका मकान ढह गया, शंकर कुशवाहा, जिनके घर की दीवार गिर गई, रामबाई कुशवाहा, जिनका गृहस्थी का मकान प्रभावित हुआ, विनोद श्रीवास और पप्पू रैकवार, जिनके घर बारिश के कारण ढह गए। इसके अलावा, क्षेत्र में कई अन्य कच्चे मकानों के भी क्षतिग्रस्त होने की सूचना है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तेज बारिश से ढांचागत नुकसान और विस्थापन का संकट
लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों में पानी भर जाने से दीवारों में सीलन आ गई और उनकी नींव कमजोर हो गई। मकान गिरने से उत्पन्न हुए मलबे ने घरों के आसपास का क्षेत्र भर दिया, जिससे प्रभावित परिवारों को अपना सामान और बच्चों के साथ सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने के लिए मजबूर होना पड़ा। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से ढह गए हैं, उनके सामने अब सिर छिपाने और अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि बारिश इसी प्रकार जारी रही तो क्षेत्र के अन्य जर्जर और कच्चे मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल राजस्व टीम भेजकर प्रभावित गांवों में हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कराने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने पात्र पीड़ित परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
प्रशासन से राहत और सुरक्षा की उम्मीद
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जिन परिवारों के मकान रहने योग्य नहीं बचे हैं, उनके लिए प्रशासन अस्थायी तौर पर सुरक्षित आवास की व्यवस्था करे। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए, उन्होंने प्रशासन से जर्जर मकानों में रह रहे परिवारों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया है।
मकान गिरने की इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उनकी निगाहें अब प्रशासन की ओर लगी हैं, जो क्षति का आकलन कर जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाने का कार्य करे।
