महराजगंज: भाजपा बूथ अध्यक्ष सम्मेलन के बाद मटन-चावल भोज बना सियासी चर्चा का विषय
महराजगंज में भाजपा के बूथ अध्यक्ष सम्मेलन के बाद कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित सामूहिक भोज में मटन-चावल परोसे जाने की बात सामने आई है। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | महराजगंज | 22 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ अध्यक्ष सम्मेलन के बाद आयोजित सामूहिक भोज का मेन्यू इन दिनों राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 22 जुलाई 2026 को आयोजित इस सम्मेलन के समापन पर कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें कथित तौर पर मटन-चावल परोसे जाने की बात सामने आई है। इस बात ने राजनीतिक हलकों में बहस को और तेज कर दिया है।
यह सम्मेलन प्रदेश भर में भाजपा द्वारा आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलनों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारी करना है। महराजगंज शहर स्थित बालाजी लॉन में आयोजित इस कार्यक्रम में बूथ स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। संगठनात्मक विषयों पर विचार-विमर्श के बाद, सभी के लिए एक सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था।
सामूहिक भोज के मेन्यू पर छिड़ी बहस
स्थानीय सूत्रों और कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा है कि इस भोज के लिए बड़ी मात्रा में भोजन तैयार किया गया था, जिसमें लगभग तीन क्विंटल मटन बनाए जाने का दावा किया जा रहा है। जैसे ही इस भोज के मेन्यू की जानकारी सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर इसे लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। भाजपा के कुछ समर्थकों ने इसे कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के एक तरीके के रूप में सराहा, वहीं दूसरी ओर, कुछ अन्य लोगों ने राजनीतिक कार्यक्रमों में इस प्रकार के खान-पान को लेकर सवाल उठाए।
कार्यकर्ताओं के बीच भी इस आयोजन को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिली। कुछ ने इसे 'वीर भोज' का नाम दिया, जबकि अन्य लोगों ने राजनीतिक आयोजनों के मेन्यू को लेकर एक नई बहस छेड़ दी। इस मेन्यू ने एक साधारण संगठनात्मक कार्यक्रम को अचानक राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है।
विधायक की संक्षिप्त प्रतिक्रिया
जब इस मेन्यू को लेकर विवाद बढ़ा और मीडिया ने महराजगंज सदर के विधायक जयमंगल कन्नौजिया से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए मामले को सहजता से लिया। विधायक ने कहा, “भोजन है, भोजन…”। इस संक्षिप्त प्रतिक्रिया के बावजूद, सोशल मीडिया पर मटन-चावल भोज को लेकर बहस जारी रही और इस मुद्दे पर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है।
भाजपा नेताओं के अनुसार, बूथ अध्यक्ष सम्मेलनों का प्राथमिक लक्ष्य संगठन की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करना, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की योजना बनाना और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच आपसी संवाद को बढ़ावा देना था। सम्मेलन के उपरांत आयोजित यह भोज, कार्यकर्ताओं के लिए एक अनौपचारिक मेल-जोल और आपसी सम्मान का अवसर था। हालांकि, मेन्यू को लेकर उठी चर्चाओं ने इस संगठनात्मक पहल को एक राजनीतिक बहस में बदल दिया है, और यह मामला फिलहाल जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
