महानवमी पर अवकाश की मांग: शिक्षकों ने सीएम योगी को सौंपा पत्र
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने 19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर प्रदेशव्यापी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आग्रह किया है। बलरामपुर में स्थानीय...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 15 अक्टूबर 2026
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने आगामी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को महानवमी के पावन पर्व पर पूरे उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी और प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक औपचारिक पत्र भेजकर यह आग्रह किया है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, 19 अक्टूबर को महानवमी और उसके अगले दिन 20 अक्टूबर को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा, जो सनातन धर्म की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि महानवमी के दिन प्रदेश भर में माँ दुर्गा की पूजा, हवन और कन्या पूजन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न किए जाते हैं।
धार्मिक भावनाओं का सम्मान और जनहित में अवकाश की अपील
मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि शिक्षकों, कर्मचारियों और आम जनमानस की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस तिथि पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। एसोसिएशन का मानना है कि इस अवकाश से प्रदेश के लाखों सरकारी सेवकों को अपने पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने और धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त होगा। यह कदम पर्व की गरिमा बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा और जनभावनाओं के अनुरूप होगा।
बलरामपुर में भी उठी अवकाश की मांग
राज्यव्यापी मांग के साथ-साथ बलरामपुर जनपद में भी संगठन ने इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाई है। प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान के नेतृत्व में स्थानीय पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी बलरामपुर और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों और कार्यालयों में महानवमी के अवसर पर अवकाश घोषित करने की मांग रखी।
जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार शुक्ला और महामंत्री तुलाराम गिरी ने इस संबंध में आशा व्यक्त की है कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षक-कर्मचारी समाज की भावनाओं का आदर करते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी। संगठन का मानना है कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए उत्साहजनक होगा, बल्कि पर्व के महत्व को भी रेखांकित करेगा।
