मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय में सुरक्षाकर्मियों को मिला फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण
भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सुरक्षाकर्मियों को आग से बचाव और नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया। मॉक ड्रिल में आधुनिक उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 12 सितंबर 2026
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल में शनिवार सुबह सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मियों को स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग की घटनाओं से निपटना सिखाना था। प्रशिक्षण के दौरान, आग पर काबू पाने के लिए आधुनिक उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे मॉक ड्रिल के माध्यम से समझाया गया।
इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण तरल पदार्थों में लगी आग को अग्निशमन यंत्रों की सहायता से प्रभावी ढंग से बुझाने की प्रक्रिया थी। सुरक्षाकर्मियों को न केवल आग बुझाने के तरीकों से अवगत कराया गया, बल्कि उन्हें धुएं और लपटों से बचकर सुरक्षित तरीके से यह कार्य करने का अभ्यास भी कराया गया।
आधुनिक उपकरणों से परिचय
प्रशिक्षण सत्र में, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न आधुनिक उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें कलेक्टिंग ब्रिज, डिवाइडिंग ब्रिज, फायर मेन हेलमेट, फोम नोजल, अग्निशमन सिलेंडर एवं कॉर्टेज, टॉर्च, रिवॉल्विंग नोजल, यूनिवर्सल ब्रांच, न्यू लाइट (ब्रांच), ऑर्डनरी ब्रांच, एडॉफ्टर, जाली, फायर मेन एक्स, लॉक कटर, प्रॉक्सीमेटी सूट, एल्यूमिनियम सूट, कैमिकल सूट, ब्रीदिंग ऑपरेटर सेट, लाइफ जैकेट, हौज पाइप, फायर ब्लैंकेट और सामान्य अग्निशमन यंत्र जैसे उपकरण शामिल थे। इन उपकरणों के सही उपयोग से किसी भी अग्नि दुर्घटना के समय जान-माल की क्षति को कम किया जा सकता है।
आग के प्रकार और बचाव के तरीके
पुलिस फायर स्टेशन भोपाल के उप निरीक्षक संतोष दुबे ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आग को पांच मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: ए, बी, सी, डी और ई। श्रेणी 'ए' में लकड़ी, कोयला आदि जैसे ठोस पदार्थों में लगी आग शामिल है। 'बी' श्रेणी तरल पदार्थों, 'सी' श्रेणी गैसों, 'डी' श्रेणी धातुओं और 'ई' श्रेणी बिजली से संबंधित आग को दर्शाती है। उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक प्रकार की आग को बुझाने के लिए अलग-अलग विधियों और उपकरणों का प्रयोग आवश्यक होता है, जिसमें पानी या विशेष रसायनों का उपयोग शामिल है।
अग्नि दुर्घटना होने पर त्वरित कार्यवाही
प्रशिक्षण सत्र में अग्नि दुर्घटना की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और आवश्यक कदमों पर भी जोर दिया गया। निर्देशानुसार, सबसे पहले फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम, स्थानीय पुलिस थाना, विद्युत विभाग और निकटतम चिकित्सालय को तत्काल सूचित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, फायर फाइटिंग दल को तुरंत फायर एक्सटिंग्यूशर, पानी या रेत का उपयोग करके आग को प्रारंभिक चरण में ही नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। भवन की विद्युत आपूर्ति को मेन स्विच से तुरंत बंद करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अतिरिक्त, फायर अलार्म दल को सभी को आग की चेतावनी देनी चाहिए ताकि वे सुरक्षित बाहर निकल सकें। बचाव दल (इवेक्युएशन टीम) को पूर्व-निर्धारित योजनाओं के अनुसार लोगों को सुरक्षित रास्तों से निकालकर सुरक्षित स्थान तक ले जाना चाहिए। भीड़ से बचने, लिफ्ट का प्रयोग न करने और संपत्ति बचाव दल द्वारा महत्वपूर्ण व मूल्यवान संपत्तियों को सुरक्षित निकालने जैसे निर्देशों का पालन करना भी अत्यंत आवश्यक है। अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों जैसे पेट्रोल, केरोसिन, प्लास्टिक आदि को घटना स्थल से दूर हटाना भी आग फैलने से रोकने में सहायक होता है।
आपातकालीन संपर्क नंबर
भोपाल में किसी भी अग्नि दुर्घटना की सूचना देने के लिए कई हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं। इनमें एमपीईबी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2678251 और 0755-2678369, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 0755-2555922, पुलिस फायर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 0755-2441008 और नगर निगम का हेल्पलाइन नंबर 0755-2542222 शामिल हैं। इन नंबरों पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा इंचार्ज श्री मुकेश सैनी, निरीक्षक श्री विजय नागले, सहायक उप निरीक्षक श्री विनोद कुमार पांडे, पुलिस फायर स्टेशन भोपाल के उप निरीक्षक श्री संतोष दुबे और उनकी टीम मौजूद रही। यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने कर्मियों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
