मध्यप्रदेश पुलिस की तत्परता: सीधी में फांसी लगा रहे व्यक्ति की जान बचाई, छतरपुर में पलटे ई-रिक्शा से यात्रियों को रेस्क्यू
मध्यप्रदेश पुलिस ने सीधी और छतरपुर में दो अलग-अलग घटनाओं में अपनी त्वरित, साहसिक और मानवीय कार्रवाई से नागरिकों की जान बचाई है। सीधी में एक आरक्षक ने फांसी लगा रहे व्यक्ति को बचाया, जबकि छतरपुर में ई-रिक्शा पलटने से फंसे यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 13 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ संकट की घड़ी में नागरिकों की जान बचाने और सहायता उपलब्ध कराने में अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। हाल ही में राज्य के सीधी और छतरपुर जिलों में पुलिस की साहसिक और मानवीय कार्रवाई ने दो अलग-अलग घटनाओं में कई जिंदगियां बचाईं।
सीधी में आरक्षक की सूझबूझ से टला हादसा
सीधी जिले के ग्राम कोनिया में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 60 वर्षीय व्यक्ति, रामकरण साकेत, ने अपने घर के अंदर फांसी लगाने का प्रयास किया। डायल-112 पर तैनात आरक्षक रविंद्र सिंह को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, वे बिना एक पल गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचे। कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर, आरक्षक रविंद्र सिंह ने तात्कालिक निर्णय लेते हुए दरवाजा तोड़ा और घर में प्रवेश किया। उन्होंने देखा कि रामकरण साकेत फांसी के फंदे पर लटक रहे थे, जिन्हें उन्होंने तत्परता से नीचे उतारकर उनकी जान बचाई।
घटना की जानकारी मिलते ही चौकी प्रभारी सउनि नीरज कुमार मौके पर पहुंचे और रामकरण साकेत की काउंसलिंग की। पूछताछ में पता चला कि पति-पत्नी के आपसी विवाद के कारण उन्होंने यह कदम उठाने का प्रयास किया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवाद का समाधान कराया, जिससे आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस अधीक्षक सीधी, श्री संतोष कोरी, ने आरक्षक रविंद्र सिंह की त्वरित निर्णय क्षमता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उनकी सराहना की है और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
छतरपुर में ई-रिक्शा दुर्घटना से यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू
छतरपुर जिले में एक अन्य घटना में, थाना किशनगढ़ क्षेत्र के जटाशंकर रोड पर यात्रियों से भरा एक ई-रिक्शा रात्रि में पलट गया। सूचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी किशनगढ़ उप निरीक्षक कमलजीत सिंह मावई और कूपी चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक जगदीश शिवहरे अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
दुर्घटना की स्थिति अत्यंत नाजुक थी। पलटे हुए ई-रिक्शा के नीचे एक बच्चा गहराई में फंसा हुआ था, जबकि अन्य यात्री भी वाहन के अंदर फंसे थे। ऐसे संवेदनशील माहौल में, पुलिस टीम ने साहस, सूझबूझ और अभूतपूर्व तत्परता दिखाते हुए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले, फंसे हुए बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद, ई-रिक्शा में फंसे अन्य सभी यात्रियों को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। यात्रियों को सुरक्षित जटाशंकर धाम तक पहुंचाने की भी व्यवस्था पुलिस द्वारा की गई। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
ये घटनाएं दर्शाती हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस न केवल कानून की रक्षा करती है, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा और आवश्यकता के समय सहायता के लिए भी सदैव तत्पर रहती है।
