मध्यप्रदेश पुलिस के मानवीय प्रयास: 15 दिनों में 23 से अधिक बच्चों को मिलाया परिजनों से
मध्यप्रदेश पुलिस ने पिछले 15 दिनों में डायल-112 और जिला पुलिस की तत्परता से 23 से अधिक बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाया है। यह पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 15 सितंबर 2026
मध्यप्रदेश पुलिस एक बार फिर अपने मानवीय पक्ष को प्रदर्शित करते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। पिछले पंद्रह दिनों की छोटी सी अवधि में, प्रदेश भर में डायल-112 और जिला पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप 23 से अधिक बिछड़े हुए बच्चों को उनके चिंतित माता-पिता और परिजनों से सुरक्षित मिलाया गया है। ये बच्चे विभिन्न परिस्थितियों में अपने घरों से दूर हो गए थे, जिनमें भीड़ में खो जाना, खेलते हुए भटक जाना, या डांट के बाद घर से चले जाना जैसी घटनाएं शामिल थीं।
इन सफलताओं में डायल-112 की फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल (FRV) टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर इन टीमों ने बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया और तत्काल उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें सकुशल मिलाया। भोपाल में नौ, बारह, छह, चार और पांच साल के बच्चों को अलग-अलग मामलों में परिजनों से मिलाया गया। इसी तरह, मुरैना, सीधी, रीवा, बैतूल, टीकमगढ़, सतना, शाजापुर, विदिशा, गुना, पन्ना, ग्वालियर, इंदौर और छतरपुर जैसे जिलों से भी इसी तरह के कई मामले सामने आए, जहाँ पुलिस की तत्परता ने छोटे बच्चों के जीवन में खुशियाँ लौटाईं।
बिछड़े बच्चों की सुरक्षित वापसी में पुलिस की भूमिका
यह विशेष अभियान मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और नागरिकों के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है। राह भटके या लापता बच्चों की सूचना मिलते ही उनकी त्वरित प्रतिक्रिया इन मासूमो की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में निर्णायक साबित हो रही है। उदाहरण के लिए, मुरैना के सदर बाजार में तीन वर्षीय बालिका को परिजनों से बिछड़ने के बाद डायल-112 टीम ने तुरंत ढूंढ निकाला और आसपास तलाश के बाद परिजनों को सौंप दिया।
भोपाल रेलवे स्टेशन पर, विशेष सघन चेकिंग अभियान के दौरान, तीन वर्षीय बालक को त्यौहारों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सकुशल परिजनों से मिलाने में सफलता मिली। इन घटनाओं में 06 वर्षीय दिव्यांग बालक भी शामिल है, जो गुना में घर से बिना बताए निकल गया था, और छतरपुर में 10 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक, जो रास्ता भटक गया था। इन सभी बच्चों को डायल-112 के जवानों ने अत्यंत कुशलता और संवेदनशीलता के साथ उनके घर पहुँचाया।
नागरिकों के लिए पुलिस की अपील
मध्यप्रदेश पुलिस ने इस अवसर पर अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों पर भीड़भाड़ वाले और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखें। किसी भी आपात स्थिति या बच्चे के गुम होने की स्थिति में, अविलंब डायल-112 पर संपर्क करें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यह बहुमूल्य प्रयास न केवल मध्यप्रदेश पुलिस की दक्षता को उजागर करते हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
