मध्यप्रदेश में 'सृजन संवाद' का शुभारंभ: युवाओं में कानूनी जागरूकता और राष्ट्रीय सुरक्षा का विकास
मध्यप्रदेश पुलिस, स्कूल शिक्षा विभाग और UNFPA के संयुक्त तत्वावधान में 'सृजन संवाद' अभियान शुरू हुआ है। इसका लक्ष्य 11वीं-12वीं के छात्रों में कानून, सुरक्षा और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 6 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश में 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम 'सृजन संवाद' का राज्यव्यापी क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 14 जुलाई 2026 को भोपाल में इस योजना और इसकी प्रशिक्षण पुस्तक का शुभारंभ किया गया था। अब मध्यप्रदेश पुलिस, स्कूल शिक्षा विभाग और UNFPA के संयुक्त प्रयास से प्रदेशभर में इस महत्वाकांक्षी अभियान का पहला चरण 5 अगस्त 2026 से शुरू हो गया है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक करना, पुलिस की भूमिका और कार्यप्रणाली को समझना, साइबर सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, संवैधानिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक कर्तव्यों के प्रति उनका दृष्टिकोण सकारात्मक बनाना है। सामुदायिक पुलिसिंग शाखा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों को 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' (ToT) के माध्यम से निर्धारित पाठ्यपुस्तक और पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। UNFPA इस कार्यक्रम के संचालन में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण का क्रियान्वयन
कार्यक्रम के प्रथम चरण में, जिला शिक्षा अधिकारियों के सहयोग से जिला मुख्यालयों के चयनित पीएम श्री, सांदीपनि अथवा एक्सीलेंस विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 'सृजन संवाद' पुस्तक में 'मैं, मेरे अधिकार और मेरी जिम्मेदारियाँ', 'कानून, सुरक्षा एवं न्याय', 'नागरिक कर्तव्य', 'पुलिस की भूमिका', 'सामुदायिक सुरक्षा', 'साइबर सुरक्षा' जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इन विषयों पर व्यवहारिक और संवादात्मक जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों में एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की भावना विकसित हो सके।
अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ 5 अगस्त को प्रदेश के 18 जिलों में हुआ, जिनमें बड़वानी, डिंडोरी, मंदसौर, पांढुर्णा, शिवपुरी, आगर-मालवा, रीवा, सीहोर, राजगढ़, सागर, नर्मदापुरम, निवाड़ी, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, शाजापुर और गुना शामिल हैं। अन्य जिलों में यह कार्यक्रम 6 अगस्त से प्रारंभ किया गया है। इंदौर महानगर में 10 अगस्त और भोपाल महानगर में 11 अगस्त 2026 को चयनित विद्यालयों में इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा।
व्यावहारिक अनुभव के लिए थाना भ्रमण की व्यवस्था
प्रत्येक विद्यालय में इस अभियान के तहत औसतन 100 से 200 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कार्यशालाओं का संचालन प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा, जो विद्यार्थियों को कानून, नागरिक दायित्व, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सामुदायिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों की व्यावहारिक जानकारी देंगे।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण घटक 'थाना भ्रमण' (Police Station Visit) भी है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को थाना परिसर, पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण के उपाय, नागरिक सहायता तंत्र, महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित प्रक्रियाएं, अनुसंधान प्रक्रिया और आपातकालीन सेवा डायल-112 तथा उसकी कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा। इस भ्रमण से विद्यार्थियों को पुलिस व्यवस्था का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा, जिससे पुलिस और समाज के बीच विश्वास और सहभागिता को और अधिक मजबूती मिलेगी।
सामुदायिक पुलिसिंग को जनभागीदारी से जोड़ना
'सृजन संवाद' को केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग को जनभागीदारी से जोड़ने वाले एक अभिनव प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कानून के प्रति सम्मान, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को विकसित करना है। यह कदम भविष्य में उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा।
यह कार्यक्रम प्रदेश में प्रत्येक शनिवार को आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक सप्ताह विद्यालयों में पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा निर्धारित मॉड्यूल के अनुसार विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, चरणबद्ध रूप से थाना भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, तथा युवाओं और पुलिस के बीच विश्वास एवं सहभागिता के रिश्ते को एक नई दिशा मिलेगी।
यह अनूठी पहल देश के भविष्य के कर्णधारों को न केवल कानूनी प्रक्रियाओं से अवगत कराएगी, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति सचेत भी करेगी। 'सृजन संवाद' के माध्यम से युवा पीढ़ी में संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सजगता को बढ़ावा दिया जाएगा, जो एक मजबूत और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। पुलिस और युवा पीढ़ी के बीच एक स्वस्थ संवाद स्थापित करने की यह पहल निश्चित रूप से प्रदेश में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी।
