मध्यप्रदेश में घुड़सवारी खेल के विकास को नई दिशा: राष्ट्रीय सेमिनार में बने रोडमैप
भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में घुड़सवारी के सर्वांगीण विकास पर मंथन हुआ। एनसीसी के साथ साझेदारी से फीडर सेंटर विकसित करने और भोपाल में स्टेट चैंपियनशिप कराने पर जोर दिया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 8 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा भोपाल में आयोजित घुड़सवारी खेल के विकास पर केंद्रित राष्ट्रीय सेमिनार संपन्न हो गई है। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में हुई इस एक दिवसीय कार्यशाला में देशभर के प्रतिष्ठित घुड़सवारी प्रशिक्षकों, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और शासकीय व निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। देश में पहली बार मध्यप्रदेश ने घुड़सवारी खेल के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की पहल की है, जिसका उद्देश्य खेल को लोकप्रिय बनाना और प्रतिभागियों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना है।
सेमिनार में घुड़सवारी खेल के वर्तमान परिदृश्य, खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों के उत्थान, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, खेल अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण घोड़ों की उपलब्धता और प्रतियोगिताओं के आयोजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह सेमिनार केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि देश में घुड़सवारी खेल के विकास के लिए एक दीर्घकालीन रणनीति तैयार करने की दिशा में मध्यप्रदेश की एक अभिनव पहल है। सेमिनार से प्राप्त सुझावों को नीति और कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित कर सके।
समग्र विकास के लिए व्यापक रोडमैप तैयार होगा
मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस बात पर जोर दिया कि सेमिनार में विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों द्वारा दिए गए अनुभव और सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन सभी को समाहित करते हुए मध्यप्रदेश में घुड़सवारी खेल के सुनियोजित, वैज्ञानिक और सतत विकास के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट और दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस रिपोर्ट को राष्ट्रीय स्तर पर घुड़सवारी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय को भी भेजा जाएगा, ताकि आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।
एनसीसी के साथ साझेदारी में विकसित होंगे फीडर सेंटर
सेमिनार में मिले सुझावों के आधार पर, मध्यप्रदेश में घुड़सवारी खेल के लिए फीडर सेंटर की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए सेना और एनसीसी की विंग के साथ साझेदारी की जाएगी, और उनके प्रशिक्षण केंद्रों को फीडर सेंटर के रूप में रूपांतरित किया जाएगा। इन केंद्रों पर खिलाड़ियों को घुड़सवारी की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके उपरांत, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार, प्रदेश में प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने तक एक प्रभावी प्रशिक्षण तंत्र स्थापित होगा।
भोपाल में जल्द होगी स्टेट चैंपियनशिप और विश्वस्तरीय क्वारंटाइन सेंटर
घुड़सवारी खेल को प्रदेश में और अधिक लोकप्रिय बनाने तथा युवाओं और आमजन में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भोपाल में शीघ्र ही स्टेट चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव मिलेगा और प्रदेश में घुड़सवारी का व्यापक आधार तैयार होगा। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश खेल और युवा कल्याण विभाग विश्वस्तरीय मान्यता प्राप्त घोड़ा क्वारंटाइन सेंटर के निर्माण की दिशा में भी कार्य करेगा। इससे भारतीय खेल के घोड़े लंबी क्वारंटाइन प्रक्रिया से गुजरे बिना सीधे प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे।
भारतीय परंपरा और आधुनिक खेल विज्ञान का संगम
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि घुड़सवारी खेल भारत की परंपरा और विरासत का एक अभिन्न अंग रहा है। मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है कि इस गौरवशाली परंपरा को आधुनिक खेल विज्ञान, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़ते हुए घुड़सवारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराना, प्रशिक्षकों की दक्षता बढ़ाना, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करना तथा शासकीय व निजी प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
विशेषज्ञों के प्रमुख सुझाव
सेमिनार में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। कर्नल राजपाल सिंह अहलूवालिया, महासचिव, हरियाणा घुड़सवारी खेल संघ ने इसे खेलो इंडिया गेम्स में शामिल करने का सुझाव दिया। लेफ्टिनेंट कर्नल मित्तल, रीवा एनसीसी विंग ने एनसीसी प्रशिक्षण केंद्रों को फीडर सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए साझेदारी का प्रस्ताव रखा। एशियन गेम्स राइडर श्री आशीष लिमाये ने समाज में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि अंतर्राष्ट्रीय घुड़सवार सुश्री सुदीप्ति हजेला ने प्रशिक्षकों के एडवांस प्रशिक्षण और खेल के डिजिटल प्रमोशन की आवश्यकता बताई। खिलाड़ी श्री राजू सिंह ने मध्यप्रदेश में स्टेट चैंपियनशिप कराने का सुझाव दिया, वहीं अंतरराष्ट्रीय घुड़सवार श्री अनुष अगरवाला ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप देश में आवश्यक प्रोटोकॉल विकसित करने की बात कही। श्री हृदय छेड़ा, एक अन्य अंतरराष्ट्रीय घुड़सवार ने स्टैंडर्डाइज्ड कोचिंग कोर्स विकसित करने का सुझाव दिया।
सेमिनार में कैप्टन सुनील कुमार (जीजी इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स एकेडमी, दिल्ली), श्री राकेश कुमार (आरवीसी सेंटर, मेरठ), श्री एम.जे.एस. राठौर (आरवीसी सेंटर, मेरठ) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। प्रदेश के रीवा एनसीसी, महू एनसीसी, उज्जैन राइडिंग क्लब, इंदौर के एमपी राइडिंग क्लब, आर-9 स्टेबल्स, भोपाल की स्काई द हॉर्स अकादमी, डीपीएस भोपाल इक्वेस्ट्रियन प्रोग्राम, दून इंटरनेशनल स्कूल (जबलपुर) और डेली कॉलेज (इंदौर) सहित अनेक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों ने भी इसमें भाग लिया।
वर्ष 2007 में स्थापित मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी शो जंपिंग, ड्रेसेज और इवेंटिंग जैसे खेलों के प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 284 और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 65 पदक जीते गए हैं। भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मल्टीपर्पस इंडोर एरीना का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जिसके पूरा होने से मध्यप्रदेश घुड़सवारी खेल के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
