BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी के दो गिरोहों का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप और कटनी में मोबाइल चोरी के माध्यम से की जा रही साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

Few hours ago
4 मिनट में पढ़ें
मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी के दो गिरोहों का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 18 अगस्त 2026

मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीहोर में एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेशकों को ठगने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया है, जबकि कटनी में चोरी किए गए मोबाइल का इस्तेमाल कर बैंक खातों से 2 लाख 10 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह कार्रवाई प्रदेश में डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस के अनुसार, इन गिरोहों द्वारा पीड़ितों को निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर या फिर मोबाइल चोरी कर उनके बैंक खातों तक पहुंचा जाता था। तकनीकी संसाधनों, साइबर विशेषज्ञता और अंतरराज्यीय समन्वय का उपयोग करते हुए पुलिस ने इन ठगों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है।

सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप से लाखों की ठगी

सीहोर जिले की कोतवाली पुलिस ने 'FX Trade' नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने फरियादी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी सतीश मेवाड़ा पिछले लगभग छह महीने से शीतल बिहार कॉलोनी, सीहोर में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

इस कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग में कम समय में अत्यधिक मुनाफा कमाने का सब्जबाग दिखाकर 'FX Trade' ऐप के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे। अब तक की जांच में 20 लाख रुपये से अधिक की फर्जी निवेश की जानकारी सामने आ चुकी है। ठगी की रकम को म्यचुअल खातों में मंगवाया जाता था। आरोपियों ने लोन दिलाने के बहाने लोगों से उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड हासिल किए और इसी के जरिए ठगी की राशि अपने खातों में मंगवाकर एटीएम से निकाल ली जाती थी। एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर देश के विभिन्न राज्यों से इन खातों के विरुद्ध साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने से इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की पुष्टि हुई है।

पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान पांच कंप्यूटर सिस्टम, एक लैपटॉप, पांच कीपैड मोबाइल, पांच स्मार्टफोन, पासबुक, चेकबुक, 'FX Trade' आईडी कार्ड और सिम कार्ड जब्त किए हैं। पुलिस द्वारा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी गई राशि की विस्तृत जांच की जा रही है।

कटनी में मोबाइल चोरी कर की गई 2.10 लाख की ठगी

वहीं, कटनी जिले के थाना बाकल पुलिस ने मोबाइल चोरी कर उसके माध्यम से बैंक खातों से पैसे निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए झारखंड निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला तब सामने आया जब फरियादी का मोबाइल फोन बाकल बाजार से चोरी हो गया। इसके बाद, फरियादी के बचत और केसीसी खातों से अलग-अलग तारीखों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर रकम निकाली गई। शिकायत दर्ज होने के बाद, थाना बाकल पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी ऐसे मोबाइल फोन चुराते थे जिनमें या तो स्क्रीन लॉक नहीं होता था, या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल मिलने के बाद, वे उसमें यूपीआई पिन सेट करके बैंक खातों से राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने 14 मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। गिरोह द्वारा कटनी, जबलपुर, सिहोरा, और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी वारदातें अंजाम देने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में अन्य आरोपियों और उनके द्वारा की गई वारदातों की जांच जारी है।

जनता से अपील और साइबर सुरक्षा के उपाय

मध्य प्रदेश पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के कमीशन, नौकरी, लोन या आसान कमाई के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या बैंक से लिंक मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें। इसके अतिरिक्त, अनजान लिंक, व्हाट्सएप या टेलीग्राम से प्राप्त होने वाले किसी भी ट्रेडिंग ऐप को डाउनलोड करने से बचें और असामान्य मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।