मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 दिन में 127 मोटरसाइकिलें और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
मध्यप्रदेश पुलिस ने वाहन चोरों के खिलाफ 10 दिनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 127 चोरी की गई मोटरसाइकिलें और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। खंडवा में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर 68 वाहन बरामद किए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 16 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रदेश भर में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए पिछले 10 दिनों में एक व्यापक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश किया गया है, जिसमें कुल 127 चोरी की गई मोटरसाइकिलें और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचनाओं और संदिग्धों की लगातार निगरानी के आधार पर की है। इन कार्रवाइयों के माध्यम से वाहन चोरी की कई वारदातों का खुलासा हुआ है और आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों, विशेषकर वाहन चोरी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारीयों का कहना है कि इन बरामदगियों से न केवल चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है, बल्कि वाहन चोर गिरोहों के नेटवर्क को भी तोड़ने में मदद मिली है। पुलिस के अनुसार, यह अभियान दर्शाता है कि किस प्रकार सुनियोजित तरीके से और आधुनिक तकनीक का उपयोग करके अपराधों को रोका जा सकता है और अपराधियों को पकड़ा जा सकता है।
खंडवा में अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, 68 मोटरसाइकिलें जब्त
इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता खंडवा जिले से मिली है, जहां पुलिस ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिलें चुराने वाले एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर 61 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से यह पता चला है कि यह गिरोह चोरी के वाहनों को सुनसान जगहों और जंगलों में छिपाकर रखता था और बाद में उन्हें स्क्रैप या पुर्जों के रूप में बेच देता था। इस तरीके से वे अपने अपराध को छुपाने और माल को खपाने का प्रयास करते थे।
इसके अतिरिक्त, खंडवा जिले में ही थाना मांधाता पुलिस ने एक अन्य वाहन चोर को गिरफ्तार कर 7 चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4 लाख 10 हजार रुपये है। इस प्रकार, खंडवा जिले में हुई इन दोनों कार्रवाइयों में कुल 68 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं, जिससे यह जिला इस अभियान में सबसे आगे रहा। खंडवा पुलिस की इस दोहरी कार्रवाई ने वाहन चोरी के नेटवर्क पर गहरा प्रहार किया है।
गुना और शिवपुरी में भी बड़ी बरामदगी
इसी क्रम में, गुना जिले के राघौगढ़ थाना पुलिस ने भी वाहन चोरी के मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 20 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। इन जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई गई है, जो दर्शाता है कि यह गिरोह काफी बड़े पैमाने पर सक्रिय था। वहीं, शिवपुरी के कोतवाली थाना पुलिस ने भी मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए तीन आरोपियों को पकड़ा है और उनसे 10 चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इन वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये है। इन जिलों में हुई गिरफ्तारियों और बरामदगियों ने स्थानीय पुलिस की कार्यकुशलता को उजागर किया है।
अन्य जिलों में भी हुई प्रभावी कार्रवाई
प्रदेश के अन्य जिलों में भी वाहन चोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक व्यापक और सुनियोजित अभियान था। रतलाम जिले के ताल थाना पुलिस ने एक विशेष कार्रवाई करते हुए चोरी की गई मोटरसाइकिल का उपयोग कर अवैध जहरीली शराब की तस्करी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चोर गिरोह से 6 मोटरसाइकिलें जब्त कीं। यह मामला वाहन चोरी को अन्य अवैध गतिविधियों से जोड़ने की ओर भी इशारा करता है।
इसके अलावा, उज्जैन से 5 मोटरसाइकिलें एवं 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, छतरपुर से 5 मोटरसाइकिलें, भोपाल से 4 मोटरसाइकिलें, सिवनी से 4 मोटरसाइकिलें, ग्वालियर से 2 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। यह दर्शाता है कि वाहन चोरी के अपराध प्रदेश के कई हिस्सों में फैले हुए थे, और पुलिस का यह अभियान सभी प्रभावित क्षेत्रों को कवर करने में सफल रहा। इसके अतिरिक्त, अशोकनगर, दतिया और खरगोन जिलों से 1-1 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है, जिससे कुल जब्त किए गए वाहनों की संख्या 127 मोटरसाइकिलें और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली तक पहुंच गई।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी के मामलों के खुलासे के लिए उपयोग की जा रही तकनीकी विधियों और मुखबिर तंत्र की प्रभावशीलता इस अभियान में स्पष्ट रूप से दिखाई दी है। सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का एकत्रण और संदिग्धों की सतत निगरानी जैसी रणनीतियों ने पुलिस को ऐसे गिरोहों का पता लगाने में मदद की है जो सामान्यतः अपनी गतिविधियों को गुप्त रखते हैं। इन कार्रवाइयों से न केवल चोरी के वाहनों की बरामदगी में सफलता मिली है, बल्कि वाहन चोरों के गिरोहों की गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिली है। पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि वाहन चोरी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान से आम जनता में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।
