मध्य प्रदेश: ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक में 27 क्विंटल से अधिक गांजे की फसल जब्त
बड़वानी पुलिस ने ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक के तहत दुर्गम पहाड़ी इलाकों में 27 क्विंटल से अधिक अवैध गांजे की फसल जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 14 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए बड़वानी जिले में 'ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने दुर्गम पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में ड्रोन तथा पैदल सर्चिंग के माध्यम से 27 क्विंटल से अधिक अवैध गांजे की फसल जब्त की है। इस जब्त की गई फसल की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
यह व्यापक अभियान बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिलों के 400 से अधिक पुलिसकर्मियों की 12 टीमों द्वारा संचालित किया गया। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण जोन इंदौर, पुलिस उप महानिरीक्षक, निमाड़ रेंज खरगोन, तथा पुलिस अधीक्षक बड़वानी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सेंधवा के नेतृत्व में की गई।
दुर्गम इलाकों में सघन तलाशी अभियान
थाना वरला क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी एवं जंगल इलाकों में अवैध रूप से गांजे की खेती के विरुद्ध यह विशेष अभियान चलाया गया। टीमों ने वरला थाना क्षेत्र के 19 गांवों में एक साथ सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के साथ-साथ पुलिस टीमों ने दुर्गम पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में पैदल चलकर संदिग्ध स्थानों की गहनता से तलाशी ली।
वन भूमि पर खेती, वन विभाग से मांगी गई जानकारी
अभियान के दौरान ग्राम डोकलियापानी, धवलियागीर, बागदरी, टाकियापानी और आड़नदी के दूरस्थ पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्रों में अवैध गांजे की खेती वाले पांच खेतों का पता लगाया गया। इन खेतों से 26 हजार से अधिक गांजे के पौधे जब्त किए गए, जिनका कुल वजन 27 क्विंटल से अधिक था। यह पाया गया कि जब्त किए गए खेत वन भूमि पर स्थित हैं। पुलिस ने इस संबंध में वन विभाग से संबंधित पट्टाधारियों और कब्जाधारियों की जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान को निरंतर प्रभावी बनाया जा रहा है। दुर्गम और वन क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक, आधुनिक संसाधनों और विभिन्न जिलों के पुलिस बल के समन्वित उपयोग से ऐसी गतिविधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
