मध्य प्रदेश में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान, चौथे दिन 8.30 लाख से अधिक लोग हुए जागरूक
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक चलाया जा रहा 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' नशामुक्ति जनजागरूकता अभियान चौथे दिन 8.30 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा। इंदौर में सर्वाधिक 4.39 लाख लोग जागरूक हुए।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 20 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक संचालित राज्यव्यापी नशामुक्ति जनजागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' ने प्रदेशभर में व्यापक जनसमर्थन जुटा लिया है। अभियान के चौथे दिन, 19 जुलाई को, पुलिस ने 1,300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर 8 लाख 30 हजार से अधिक नागरिकों तक नशामुक्ति का महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाया। यह अभियान रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, जनचौपालों, स्वास्थ्य शिविरों, मैराथन, साइक्लोथॉन और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लोगों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत करा रहा है, साथ ही उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित कर रहा है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार इस अभियान में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, ग्रामीण समुदायों और समाज के विभिन्न वर्गों को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नशे के आदी व्यक्तियों के लिए परामर्श एवं पुनर्वास केंद्रों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे सही समय पर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकें।
प्रदेशभर में जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला
अभियान के अंतर्गत, विद्यालयों और महाविद्यालयों में शॉर्ट फिल्म प्रदर्शन, ज्ञानवर्धक व्याख्यान, चित्रकला, निबंध और रंगोली जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, जनचौपाल, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान, विभिन्न प्रकार की रैलियां, मैराथन, साइक्लोथॉन और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करते हुए नशामुक्ति का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा रहा है। इन विविध गतिविधियों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को नशे के खिलाफ लड़ाई में भागीदार बनाना है।
इंदौर सबसे आगे: 4.39 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान
जनजागरूकता फैलाने के प्रयासों में इंदौर नगरीय क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहाँ 4.39 लाख से अधिक लोगों तक अभियान का संदेश पहुंचा। इंदौर में आयोजित साइक्लोथॉन, राजबाड़ा पर जनजागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, शहरभर में लगाए गए 60 से अधिक बिलबोर्ड और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स व सेलिब्रिटीज द्वारा साझा की गई रील्स ने अभियान को व्यापक पहचान दिलाई। बुरहानपुर ने भी लगभग 1.35 लाख लोगों तक पहुंचकर महत्वपूर्ण योगदान दिया, जहाँ विद्यालयों में चित्रकला, रंगोली, निबंध, नुक्कड़ नाटक और रैप डांस प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को नशामुक्ति का संदेश दिया गया।
जिलों में नवाचारों के साथ बढ़ी भागीदारी
अभियान में जिलों द्वारा किए जा रहे नवाचारों ने इसकी भागीदारी को और मजबूत किया है। बालाघाट में 172 कार्यक्रमों के माध्यम से 30 हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, वहीं मंडला में 70 कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्रों तक इस महत्वपूर्ण संदेश को पहुंचाया गया। जीआरपी भोपाल ने रेलवे स्टेशनों, यात्रियों, कुलियों और ऑटो चालकों के बीच अभियान चलाकर 20,700 से अधिक लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
बैतूल में 'ऑनलाइन नशा मुक्ति प्लेज' के माध्यम से 50 हजार से अधिक नागरिकों ने डिजिटल शपथ लेकर इस अभियान से अपना जुड़ाव प्रदर्शित किया। आलीराजपुर में आदिवासी क्षेत्रों और साप्ताहिक हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक तथा निमाड़ी और भीली बोली में चलने वाले जागरूकता रथों के माध्यम से संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया। सिंगरौली के सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलौंजी में लगभग 1,600 छात्र-छात्राओं ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्त समाज का सशक्त संदेश दिया।
रतलाम में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सकों एवं मेडिकल विद्यार्थियों की सहभागिता से एक सेमिनार आयोजित किया गया, जबकि रीवा में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ विद्यालयों के आसपास पान-गुटखा विक्रेताओं के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की गई। खंडवा और बड़वानी में स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। डिंडोरी में कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से और राजगढ़ में प्रचार वाहन द्वारा गांवों-गांवों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया गया। आगर मालवा में ग्राम चौपालों तथा अशोकनगर में चिन्हित हॉटस्पॉट और आदिवासी बस्तियों में काउंसलिंग सत्र आयोजित कर नशे के आदी लोगों को उपचार एवं पुनर्वास की जानकारी दी गई। अनूपपुर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों की सक्रिय भूमिका
इस अभियान में पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों और विशेष सशस्त्र बल की इकाइयों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया है। पीटीएस सागर और जेएनपीए सागर में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। पीटीएस रीवा और पीटीएस उमरिया में प्रशिक्षणरत नवआरक्षकों ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता फैलाई। एमपीपीए भौंरी में एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जबकि जीआरपी और एसएएफ की विभिन्न वाहिनियों ने रैली, मैराथन, व्याख्यान, स्वास्थ्य शिविर और जनसंवाद के माध्यम से अभियान को गति प्रदान की।
जनसहभागिता से मजबूत हो रहा अभियान
मध्यप्रदेश पुलिस का कहना है कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अब केवल एक सरकारी अभियान न रहकर, जनसहभागिता पर आधारित एक सामाजिक जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। पुलिस मुख्यालय ने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा विशेष रूप से युवाओं से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। पुलिस का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही एक नशामुक्त, स्वस्थ, सुरक्षित और अपराधमुक्त मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है, तथा समाज को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से प्रभावी ढंग से मुक्त कराया जा सकता है।
