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मध्य प्रदेश में भारी बारिश: नर्मदा खतरे में, पन्ना में बाघिन उफान पर, बरगी बांध के गेट खुले

मध्य प्रदेश के मंडला, जबलपुर और पन्ना जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं। मंडला में नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, पन्ना में बाघिन नदी के पानी से कई गांव प्रभावित हैं, जबकि जबलपुर में बरगी बांध के 13 गेट खोले गए हैं।

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मध्य प्रदेश में भारी बारिश: नर्मदा खतरे में, पन्ना में बाघिन उफान पर, बरगी बांध के गेट खुले

द क्लिफ न्यूज़ | मध्य प्रदेश | 22 अगस्त 2026

मध्य प्रदेश के कई जिलों में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडला, जबलपुर और पन्ना जैसे प्रमुख क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं, जहाँ नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मंडला में पवित्र नर्मदा नदी अपने खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जबकि पन्ना में बाघिन नदी के उग्र रूप ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसी क्रम में, जबलपुर स्थित बरगी बांध से पानी छोड़ने के लिए उसके 13 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे नदी के निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

पिछले 24 घंटों से मंडला जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नर्मदा सहित जिले की अन्य नदियों और नालों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर सुबह 10 बजे 437.04 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है। बीते 24 घंटे में जिले में लगभग 2.3 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप, शहर और आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन बाधित हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

मंडला में छोटा पुल जलमग्न, आवागमन बाधित

नर्मदा के बढ़ते जलस्तर का सीधा असर मंडला के एक छोटे पुल पर पड़ा है, जो पूरी तरह से पानी में डूब गया है। पानी पुल के ऊपर से कई फीट की ऊंचाई तक बह रहा है, जिसके कारण पुल पर आवागमन तत्काल रोक दिया गया है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद रहकर लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दे रही हैं। नदी के घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि लोग बढ़े हुए जलस्तर के करीब न पहुँच सकें।

बाढ़ जैसी संभावित स्थितियों से निपटने के लिए, प्रशासन ने मंडला में एसडीईआरएफ (राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल) और होमगार्ड की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया है। पुलिस बल भी नदी के किनारे और जलभराव वाले इलाकों में लगातार गश्त कर रहा है। बचाव दल किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता नदी किनारे रहने वाले तथा निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने या नदी के बढ़े हुए जलस्तर को देखने के लिए किनारों पर भीड़ न लगाएं।

मंडला जिले में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 33.96 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है (1 जून से 20 अगस्त तक)। हालांकि, यह पिछले वर्ष इसी अवधि में दर्ज की गई 49.38 इंच बारिश से कम है, लेकिन मौजूदा लगातार बारिश ने निश्चित रूप से नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है, जिससे प्रशासन की चिंता आने वाले दिनों में जलस्तर को लेकर बनी हुई है। एसडीईआरएफ के डिस्टिक कमांडेंट नरेश साहू के अनुसार, इस वर्ष दूसरी बार नर्मदा का छोटा पुल डूबा है, जिससे जलस्तर की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

जबलपुर में बरगी बांध के 13 गेट खुले, नर्मदा का जलस्तर बढ़ने की आशंका

जबलपुर में भी लगातार बारिश का असर बरगी बांध पर देखा जा रहा है। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा की अधिकता के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, बरगी बांध के 13 गेट खोलकर लगभग 3,988 क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा गया है।

बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना है। जबलपुर और आसपास के नर्मदा तटीय क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए, प्रशासनिक और राहत दलों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी नदी और नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का अनुमान है कि बांध के गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे 8 से 10 फीट तक बढ़ सकता है।

पन्ना में बाघिन नदी का रौद्र रूप, कई गांव जलमग्न

पन्ना जिले में भी रुक-रुककर तेज बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण यहाँ की स्थानीय नदी, बाघिन, उफान पर बह रही है। नदी का पानी आसपास के कई गांवों और रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुछ घरों में पानी घुसने से लोगों की गृहस्थी का सामान खराब हो गया है, और ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने वाले रास्ते भी अवरुद्ध हो गए हैं।

बाघिन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई स्थानों पर रास्तों पर पानी आ जाने के कारण ग्रामीणों का आवागमन बाधित हुआ है। रिहायशी क्षेत्रों में पानी पहुँचने से लोगों को अपना घर का सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ रहा है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में जलभराव और बढ़ने की आशंका है। स्थानीय ग्रामीण नदी के जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जबकि प्रशासन ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। बाघिन नदी पन्ना जिले की बृजपुर क्षेत्र में बहती है और इसका उद्गम पन्ना के ग्राम पंचायत इटवाखास क्षेत्र से माना जाता है, जो आगे जाकर बृहस्पति कुंड में समाहित हो जाती है।

प्रशासन अलर्ट पर, आगामी दिनों में स्थिति चिंताजनक

मंडला, जबलपुर और पन्ना में बिगड़ते मौसम और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए, राज्य प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे नदियों और बांधों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में, प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना ही इस समय सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।