मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 32 IAS अधिकारियों के तबादले, ग्वालियर-सतना को नए निगम आयुक्त
मध्य प्रदेश शासन ने 21 अगस्त 2026 को 32 IAS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। ग्वालियर और सतना नगर निगमों को नए आयुक्त मिले हैं, जबकि कई जिलों में जिला पंचायत CEO भी बदले गए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 22 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 32 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत CEO, अपर कलेक्टर, शासन के उप सचिव और अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। साथ ही, 2024 बैच के प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को भी पहली महत्वपूर्ण मैदानी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इस तबादला सूची में ग्वालियर और सतना नगर निगमों को नए आयुक्त मिले हैं, जबकि कई जिलों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) के पदों पर भी परिवर्तन किया गया है। प्रशासनिक बदलाव का असर धार, सिंगरौली, रीवा, खंडवा, सागर, सीधी, देवास, श्योपुर, टीकमगढ़, बड़वानी और बालाघाट सहित कई जिलों पर पड़ेगा।
अभिषेक चौधरी ग्वालियर के नए निगम आयुक्त, संघ प्रिय सतना जिला पंचायत CEO
2018 बैच के IAS अधिकारी अभिषेक चौधरी को जिला पंचायत धार के CEO पद से स्थानांतरित कर ग्वालियर नगर निगम का आयुक्त नियुक्त किया गया है। उनके समक्ष नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था, शहरी विकास, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और नागरिक सेवाओं को प्रभावी बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। ग्वालियर नगर निगम के पूर्व आयुक्त संघ प्रिय को अब जिला पंचायत सिंगरौली का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। इस बदलाव से ग्वालियर और सिंगरौली दोनों जिलों के प्रशासनिक नेतृत्व में परिवर्तन आया है।
सृष्टि देशमुख गौड़ा रीवा की CEO, डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा सतना के आयुक्त
IAS अधिकारी सृष्टि देशमुख गौड़ा को खंडवा में अपर कलेक्टर के पद से हटाकर जिला पंचायत रीवा का CEO बनाया गया है। जिला पंचायत CEO के रूप में उनकी जिम्मेदारी ग्रामीण विकास योजनाओं, पंचायतों के कामकाज, विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी से जुड़ी होगी। इस तबादला सूची में सृष्टि देशमुख गौड़ा और उनके पति डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा की पदस्थापनाओं ने विशेष ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि दोनों को खंडवा से अलग-अलग नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
2019 बैच के IAS अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को जिला पंचायत खंडवा के CEO पद से स्थानांतरित कर नगर निगम सतना का आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्हें सतना स्मार्ट सिटी के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सतना नगर निगम में नई जिम्मेदारी के साथ, उनके सामने शहरी विकास, सड़क, स्वच्छता, जलापूर्ति, यातायात व्यवस्था और स्मार्ट सिटी से जुड़े कार्यों को गति देने की चुनौती होगी।
सागर और देवास जिला पंचायतों को नए CEO मिले
जगदीश कुमार गोमे को जिला पंचायत सिंगरौली के CEO पद से स्थानांतरित कर जिला पंचायत सागर का CEO बनाया गया है। इससे सागर जिले में ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी। इसके अतिरिक्त, देवास जिला पंचायत में भी नेतृत्व परिवर्तन किया गया है, जहां नवीन कुमार धुर्वे को जिला पंचायत देवास का CEO नियुक्त किया गया है।
कई जिला पंचायतों में CEO बदले गए
तबादला आदेश के अनुसार, प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को बदला गया है। इनमें सौम्या आनंद (CEO जिला पंचायत सीधी), ऐश्वर्य वर्मा (CEO जिला पंचायत खंडवा), कार्तिकेय जायसवाल (CEO जिला पंचायत श्योपुर), विशाल धाकड़ (CEO जिला पंचायत टीकमगढ़), अर्पित गुप्ता (CEO जिला पंचायत बड़वानी) और तनुश्री मीणा (CEO जिला पंचायत बालाघाट) प्रमुख हैं। इस बदलाव से ग्रामीण विकास योजनाओं, पंचायत प्रशासन और जिला स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारियों में व्यापक परिवर्तन आया है।
नगरीय प्रशासन और शासन में वरिष्ठ अधिकारियों की नई भूमिकाएं
नगरीय प्रशासन से जुड़े कई अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अभिषेक सराफ को अपर आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है, जबकि आशीष को अपर आयुक्त, इंदौर नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अक्षय कुमार तेजपाल को अपर आयुक्त, भोपाल नगर निगम बनाया गया है। इन नियुक्तियों से भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
मैहर की अपर कलेक्टर संजना जैन को मध्य प्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। शासन स्तर पर उनकी नई जिम्मेदारी में विभागीय प्रशासन और नीतिगत कार्यों से जुड़े दायित्व शामिल होंगे। इसके अलावा, ज्योति शर्मा को मध्य प्रदेश शासन में उप सचिव तथा अंजली जोसेफ को लोक निर्माण विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है। अनिल कुमार डामोर को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव और सोनाली देव को मध्य प्रदेश शासन में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षा और नगरीय विकास से जुड़े पदों पर भी बदलाव
काजल जावला को राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल में अपर मिशन संचालक बनाया गया है। उनके जिम्मे शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय से जुड़े दायित्व होंगे। नगरीय विकास से जुड़े प्रशासनिक ढांचे में हुए बदलाव से नगर निगमों और शहरी विकास योजनाओं के स्तर पर कामकाज को नई प्रशासनिक दिशा मिलने की उम्मीद है।
खंडवा जिले में प्रशासनिक समीकरण बदले
तबादलों के पश्चात खंडवा जिले में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया समीकरण बना है। डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा के स्थानांतरण के बाद ऐश्वर्य वर्मा को जिला पंचायत खंडवा का CEO नियुक्त किया गया है। वहीं, श्रद्धा शुक्ला को खंडवा का अपर कलेक्टर बनाया गया है, जिससे जिला प्रशासन और जिला पंचायत दोनों स्तरों पर नई पदस्थापनाएं हुई हैं।
2024 बैच के प्रशिक्षु IAS को SDM की जिम्मेदारी
इस तबादला सूची की एक उल्लेखनीय विशेषता 2024 बैच के प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को मैदानी प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपा जाना है। इन युवा अधिकारियों को विभिन्न जिलों में अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) के रूप में पदस्थ किया गया है। नई जिम्मेदारी पाने वाले अधिकारियों में आशीष कुमार (SDM बीना, जिला सागर), अनिकेत शांडिल्य (SDM बैहर, जिला बालाघाट), आकाश अग्रवाल (SDM मझौली, जिला सीधी), पाटिल आशीष (SDM कुक्षी, जिला धार), सुशीर श्रीकृष्ण श्रीराम (SDM देवसर, सिंगरौली), कुलदीप पटेल (SDM बिछिया, जिला मंडला), फरहान इरफान (SDM शाहपुरा, जिला डिंडोरी), ऋत्विक विजय (SDM बिजावर, जिला छतरपुर) और नविकरण कोर (SDM डबरा, जिला ग्वालियर) शामिल हैं। इन अधिकारियों के लिए SDM की भूमिका प्रशासनिक सेवा के शुरुआती चरण में महत्वपूर्ण मैदानी अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी।
नई जिम्मेदारियों के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव
21 अगस्त को जारी तबादला आदेशों से प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव हुआ है। वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों को नगर निगमों और जिला पंचायतों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, वहीं युवा अधिकारियों को मैदानी प्रशासन में अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। ग्वालियर और सतना जैसे प्रमुख नगर निगमों में नए आयुक्तों की नियुक्ति के साथ-साथ कई जिला पंचायतों में भी नेतृत्व बदला गया है। इसके अतिरिक्त, शासन के विभिन्न विभागों में उप सचिव और अपर आयुक्त स्तर पर हुए बदलाव से मंत्रालय और मैदानी प्रशासन के बीच समन्वय की नई व्यवस्था स्थापित होगी। कुल मिलाकर, 32 IAS अधिकारियों के इस बड़े फेरबदल ने प्रदेश के शहरी और ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। नई पदस्थापनाओं के पश्चात, अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास योजनाओं को गति देने, प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और जनसेवाओं में सुधार लाने की एक बड़ी चुनौती होगी।
