मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले, 11 जिलों के कलेक्टर बदले
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापनाएं की हैं। 11 जिलों के कलेक्टरों की जिम्मेदारियां बदली गईं, सुखबीर सिंह मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव नियुक्त।

द क्लिफ न्यूज़ | मध्य प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में एक महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 23 अधिकारियों की नवीन पदस्थापनाएं की हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 13 अक्टूबर की देर रात जारी किए गए आदेशों के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के कलेक्टरों की जिम्मेदारियां बदल दी गई हैं। इस व्यापक फेरबदल के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि रश्मि अरुण शमी को स्वास्थ्य विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव में जिला प्रशासन के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के नेतृत्व में भी परिवर्तन हुआ है।
सरकार के इस निर्णय के तहत जबलपुर, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, मऊगंज, पन्ना, सिंगरौली, बालाघाट, शाजापुर और बुरहानपुर जैसे प्रमुख जिलों के कलेक्टरों को बदला गया है। इन नियुक्तियों के माध्यम से इन महत्वपूर्ण जिलों की प्रशासनिक कमान अब नए अधिकारियों के हाथों में होगी। कुछ अधिकारियों को जिला प्रशासन की भूमिका से मंत्रालय या अन्य विभागीय जिम्मेदारियों में भेजा गया है, जबकि कुछ को कलेक्टर के रूप में नई भूमिकाएं मिली हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम नियुक्ति
मुख्यमंत्री कार्यालय में सुखबीर सिंह की नियुक्ति इस फेरबदल का एक प्रमुख हिस्सा है। इससे पूर्व, सुखबीर सिंह लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में कार्यरत थे। नई व्यवस्था में उन्हें मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है, साथ ही उन्हें लोक निर्माण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और लोक निर्माण विभाग, दोनों का नेतृत्व उनके पास रहेगा।
11 जिलों के कलेक्टरों की नई जिम्मेदारियां
जबलपुर जिले के लिए अरुण कुमार विश्वकर्मा को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले रायसेन जिले के कलेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जबलपुर के निवर्तमान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड का प्रबंध संचालक और मंडी आयुक्त के पद पर स्थानांतरित किया गया है। रायसेन जिले में रोहित सिसोनिया को नया कलेक्टर बनाया गया है, जो पहले किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उप सचिव के पद पर थे।
भिंड जिले में पवन कुमार जैन को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जो सहकारिता विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। भिंड के मौजूदा कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना को अब वित्त विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। नर्मदापुरम में आशीष वशिष्ठ को कलेक्टर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे इससे पहले मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के प्रबंध संचालक के पद पर थे। नर्मदापुरम के पूर्व कलेक्टर सोमेश मिश्रा को एड्स नियंत्रण सोसायटी का संचालक और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास का संचालक बनाया गया है।
हरदा जिले में कुमार सत्यम को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है; वह बालाघाट के पूर्व कलेक्टर थे। हरदा के निवर्तमान कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को वाणिज्यिक कर विभाग में उप सचिव के पद पर स्थानांतरित किया गया है। बालाघाट में आदित्य सिंह को नया कलेक्टर बनाया गया है। आदित्य सिंह इससे पहले भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास के संचालक थे। बालाघाट में कलेक्टर बदलने का निर्णय बच्चों की मौत से जुड़े एक संवेदनशील मामले में हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उठे सवालों के बीच लिया गया है। इसी तरह, हरदा और नर्मदापुरम क्षेत्रों में मूंग खरीदी को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शनों और संबंधित प्रशासनिक कार्रवाइयों के मुद्दे भी हाल के दिनों में चर्चा में रहे हैं।
मऊगंज जिले में राजेश कुमार ओगरे को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जो वाणिज्यिक कर विभाग में अपर सचिव थे। मऊगंज के निवर्तमान कलेक्टर संजय कुमार जैन को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उप सचिव के पद पर भेजा गया है। पन्ना जिले में हर्ष सिंह को नया कलेक्टर बनाया गया है, जो बुरहानपुर के पूर्व कलेक्टर थे। पन्ना की निवर्तमान कलेक्टर उषा परमार को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अपर सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े भू-अर्जन के मामलों के बीच कलेक्टर बदलने का यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिंगरौली जिले में अंकित अस्थाना को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जो सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और कर्मचारी चयन मंडल के संचालक के पद पर कार्यरत थे। सिंगरौली के निवर्तमान कलेक्टर गौरव बेनल को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव तथा कर्मचारी चयन मंडल के संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। शाजापुर जिले में परीक्षित झाड़े को नया कलेक्टर बनाया गया है, जो इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी थे। शाजापुर की निवर्तमान कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त, राजस्व के पद पर नियुक्त किया गया है। बुरहानपुर जिले में विवेक कुमार को नया कलेक्टर बनाया गया है; वे इससे पहले नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में उप सचिव थे।
राज्य स्तर पर विभागों में भी बदलाव
राज्य स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रश्मि अरुण शमी को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। उन्हें गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग, खाद्य सुरक्षा आयुक्त तथा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह इससे पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
जनसंपर्क विभाग में भी बदलाव किया गया है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव को जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके बाद, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग में सचिव के रूप में कार्यरत जॉन किंग्सली ए.आर. को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
इंदौर विकास प्राधिकरण में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परीक्षित झाड़े को शाजापुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर कार्यरत संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
राज्य सरकार द्वारा किए गए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री कार्यालय, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, जनसंपर्क, कृषि, उद्योग जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं। कलेक्टरों में बदलाव से जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व की नई व्यवस्था स्थापित होगी। अब इन नए अधिकारियों के समक्ष सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं का त्वरित समाधान, कानून-व्यवस्था का सुचारू समन्वय और विभागीय कार्यों को गति प्रदान करने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। इस फेरबदल का वास्तविक प्रभाव संबंधित जिलों में प्रशासनिक निर्णयों और जनहित से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन पर परिलक्षित होगा।
