मध्य प्रदेश में 24x7 खुल सकेंगे मॉल, होटल; श्रम शक्ति संहिता को राज्यपाल की मंजूरी
मध्य प्रदेश में अब मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और दुकानें 24 घंटे व सातों दिन खुल सकेंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 'श्रम शक्ति संहिता, 2026' को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य कारोबार को सुगम बनाना और रोजगार बढ़ाना है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 14 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक बड़े बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा 'श्रम शक्ति संहिता, 2026' को मंजूरी दिए जाने के बाद अब प्रदेश में मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमाघर और दुकानें 24 घंटे व सातों दिन संचालित हो सकेंगे। विधानसभा द्वारा जुलाई में पारित इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राज्य में श्रम कानूनों को सरल, आधुनिक बनाना, कारोबार को सुगम बनाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश की 'नाइट इकोनॉमी' को विशेष बल मिलने की उम्मीद है। देर रात तक खरीदारी, भोजन, मनोरंजन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से न केवल व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, शराब की दुकानों के संचालन को लेकर संबंधित स्थानीय और वैधानिक नियमों का पालन पहले की तरह ही जारी रहेगा।
कर्मचारी हितों की सुरक्षा के साथ लचीलापन
नई श्रम शक्ति संहिता कर्मचारियों के काम के घंटों को लेकर एक महत्वपूर्ण संतुलन साधने का प्रयास करती है। इसके तहत, किसी भी प्रतिष्ठान को एक ही कर्मचारी से लगातार 24 घंटे काम कराने की अनुमति नहीं होगी। कर्मचारियों को अलग-अलग शिफ्ट में काम पर लगाया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिष्ठान चौबीसों घंटे खुले रहें, लेकिन कर्मचारियों के काम के घंटे निर्धारित श्रम मानकों के भीतर ही रहें।
संहिता में सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम की सीमा का प्रावधान किया गया है। यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित समय से अधिक काम कराया जाता है, तो उसके लिए उसकी सहमति और नियमानुसार ओवरटाइम भुगतान अनिवार्य होगा। इस प्रकार, सरकार ने जहाँ एक ओर व्यवसायों के लिए लचीली व्यवस्था बनाने की कोशिश की है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के हितों को भी कानून के दायरे में सुरक्षित रखने का प्रयास किया है।
महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
नई व्यवस्था में महिला कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। अब महिलाएं रात की शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी, लेकिन इसके लिए नियोक्ता को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की पूर्ण जिम्मेदारी लेनी होगी। इसमें सुरक्षित कार्यस्थल, आवागमन की सुविधा और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना प्रतिष्ठान संचालक की जवाबदेही होगी। इससे उन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है जहाँ देर रात तक कार्य करने की आवश्यकता होती है।
कार्यस्थल सुरक्षा पर विशेष जोर
श्रम शक्ति संहिता में कार्यस्थल की सुरक्षा को भी उच्च प्राथमिकता दी गई है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए फायर सेफ्टी, साफ-सफाई और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं रखना अनिवार्य होगा। बहुमंजिला इमारतों के लिए फायर सेफ्टी से जुड़े प्रावधानों को और भी सख्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरकार की व्यापक सोच इस कानून के पीछे श्रम व्यवस्था को सरल बनाकर उद्योग-व्यापार के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करना है। कैबिनेट ने 'मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज, 2026' को जुलाई में मंजूरी दी थी, जिसके बाद इसे विधानसभा में पेश कर 21 जुलाई को पारित किया गया। इस नई संहिता के माध्यम से पुराने श्रम कानूनों की व्यवस्था को एकीकृत और आधुनिक बनाया गया है, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी और श्रमिकों के अधिकारों को कानूनी संरक्षण मिलेगा। श्रम विभाग ने डिजिटल पंजीयन व्यवस्था को भी सरल बनाते हुए प्रतिष्ठानों के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया को आसान किया है।
बड़े शहरों और पर्यटन केंद्रों पर संभावित प्रभाव
24x7 कारोबार की अनुमति का सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव मध्य प्रदेश के बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन के साथ-साथ पर्यटन केंद्रों पर दिखाई दे सकता है। इन क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, मनोरंजन और सेवा क्षेत्र रात में भी अधिक सक्रिय हो सकते हैं। देर रात तक सेवाएं उपलब्ध होने से पर्यटकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि 24 घंटे कारोबार की अनुमति का अर्थ कर्मचारियों द्वारा लगातार 24 घंटे काम करना नहीं है। प्रतिष्ठानों को शिफ्ट व्यवस्था का पालन करना होगा और श्रमिकों के लिए निर्धारित काम के घंटे, विश्राम तथा ओवरटाइम से जुड़े नियमों का अनुपालन करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था कानून को केवल व्यापार बढ़ाने वाला प्रावधान न बनाकर, रोजगार और श्रमिक हितों के बीच संतुलन स्थापित करती है।
सफलता की कसौटी
सरकार को उम्मीद है कि नई श्रम शक्ति संहिता से निवेशकों और कारोबारियों के लिए मध्य प्रदेश का कारोबारी वातावरण और बेहतर होगा। 24x7 संचालन की अनुमति से नई सेवाओं, डिलीवरी, सुरक्षा, परिवहन, होटल, रेस्टोरेंट, मनोरंजन और खुदरा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार की संभावनाएं पैदा हो सकती हैं। दूसरी ओर, इस कानून की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि महिला सुरक्षा, काम के घंटे, ओवरटाइम, फायर सेफ्टी और अन्य श्रमिक अधिकारों के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।
संक्षेप में, 'श्रम शक्ति संहिता, 2026' मध्य प्रदेश की श्रम और कारोबारी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम है। 24x7 कारोबार की अनुमति से प्रदेश की नाइट इकोनॉमी को नई गति मिलने की उम्मीद है, वहीं कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों की प्रभावी निगरानी इसकी सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कसौटी साबित होगी।
