मध्य प्रदेश कैबिनेट का विकास का मास्टरस्ट्रोक: भोपाल-विदिशा मार्ग 4-लेन, बायपास 6-लेन, किसान व महिला सम्मान पर जोर
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, कृषि अनुसंधान और महिला सम्मान से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। भोपाल-विदिशा मार्ग को 4-लेन का बनाया जाएगा, वहीं भोपाल बायपास को 6-लेन तक चौड़ा किया जाएगा।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 12 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के समग्र विकास को गति देने वाले कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। इन निर्णयों में राजधानी भोपाल के आसपास के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने, महिलाओं के सम्मान को बढ़ाने और औद्योगिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग को चार-लेन का बनाने के लिए ₹1,757.55 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है, साथ ही भोपाल बायपास को वर्तमान चार-लेन से बढ़ाकर छह-लेन करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है।
ये बुनियादी ढांचागत परियोजनाएं राजधानी भोपाल को एक 'महानगर' के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए, इन सड़क विस्तार परियोजनाओं को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन से दोनों शहरों के बीच आवागमन न केवल सुगम होगा, बल्कि इस क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य राजधानी को आसपास के क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर एक वृहद महानगरीय क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है, और सड़क अधोसंरचना का विस्तार इस दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
भोपाल-विदिशा मार्ग का होगा चार-लेन विकास
मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल-विदिशा मार्ग के विकास के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना के अंतर्गत, 44.83 किलोमीटर लंबे दो-लेन वाले मार्ग को चौड़ा करके चार-लेन का हाईवे बनाया जाएगा, जिसमें पक्की कंधें (paved shoulders) भी शामिल होंगे। यह परियोजना विशेष रूप से राजधानी के आसपास के शहरीकरण और बढ़ते यातायात को प्रबंधित करने के लिए तैयार की गई है। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ होगा, बल्कि यह क्षेत्र में व्यापार और वाणिज्य को भी प्रोत्साहित करेगा।
भोपाल बायपास को मिलेगा छह-लेन का विस्तार
राजधानी में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से, मध्य प्रदेश कैबिनेट ने भोपाल बायपास को चार-लेन से छह-लेन में विस्तारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। भोपाल बायपास भोपाल को इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जैसे जिलों से जोड़ता है। इस विस्तार से शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही को सुचारू रूप से नियंत्रित करने और शहर के मध्य क्षेत्र में यातायात के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी। कैबिनेट ने बायपास से संबंधित टोल संग्रहण की अवधि को भी अंतिम रूप दिया है।
इछावर में राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की स्थापना
कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कैबिनेट ने सीहोर जिले की इछावर तहसील के भौखेड़ी गांव में राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (National Soybean Research Institute) की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि को स्थायी पट्टे पर निशुल्क आवंटित करने की मंजूरी दी है। यह संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत कार्य करेगा। सोयाबीन, मध्य प्रदेश की एक प्रमुख कृषि फसल है, और इस अनुसंधान संस्थान की स्थापना से सोयाबीन की उत्पादकता, गुणवत्ता में सुधार, नई तकनीकों के विकास और उन्नत किस्मों पर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। उम्मीद है कि इससे क्षेत्र के किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
महिला सम्मान के पुरस्कारों की राशि में वृद्धि
महिलाओं के उत्कृष्ट योगदान, साहस और समाज सेवा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, मध्य प्रदेश सरकार ने दो महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय पुरस्कारों की सम्मान राशि में वृद्धि की है। रानी दुर्गावती राज्य-स्तरीय पुरस्कार और रानी अवंतीबाई राज्य-स्तरीय वीरता पुरस्कार, दोनों की पुरस्कार राशि को बढ़ाकर ₹2 लाख कर दिया गया है। रानी अवंतीबाई राज्य-स्तरीय वीरता पुरस्कार वर्ष 2006 से प्रदान किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन पुरस्कारों के माध्यम से महिलाओं को समाज में प्रेरणादायी कार्य करने के लिए अधिक प्रोत्साहित किया जा सकेगा, खासकर उन महिलाओं को जो कठिन परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, जिनमें 40% से अधिक विकलांगता वाली महिलाएं और एकल महिलाएं शामिल हैं।
खंडवा में प्रदेश का पहला औद्योगिक सुरक्षा बल गठित
औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोपरि मानते हुए, कैबिनेट ने खंडवा जिले में प्रदेश के पहले औद्योगिक सुरक्षा बल (Industrial Security Force) के गठन को मंजूरी दी है। इस विशेष बल की स्थापना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों, महत्वपूर्ण संस्थानों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है। यह कदम राज्य में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार विकास के विभिन्न आयामों पर एक साथ ध्यान केंद्रित कर रही है। सड़क और परिवहन जैसे बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ, कृषि क्षेत्र में नवाचार, महिला सशक्तिकरण के माध्यम से सामाजिक प्रगति और औद्योगिक सुरक्षा में वृद्धि जैसे कदम प्रदेश के समग्र विकास को गति प्रदान करेंगे।
