मध्य प्रदेश: बड़े होटलों की रसोई में गंदगी, लाइसेंस निलंबित, जांच तेज
मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत प्रतिष्ठित होटलों और रेस्टोरेंट्स की रसोई में गंभीर खामियां मिली हैं। साफ-सफाई की कमी, कीड़े-मकौड़े, एक्सपायर्ड सामग्री और अनुचित भंडारण पर कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | 22 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति बड़े प्रतिष्ठानों की लापरवाही उजागर हुई है। राज्य भर में खाद्य सुरक्षा विभाग और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष जांच अभियान के दौरान कई नामचीन होटलों और रेस्टोरेंट्स की रसोई, स्टोरेज एरिया और खाद्य सामग्री के रखरखाव में गंभीर खामियां पाई गई हैं। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, कुछ प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि अन्य के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जांच टीमों ने निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की घोर कमी, रसोई और स्टोरेज क्षेत्रों में चूहों व कॉकरोच जैसे कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी, एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का उपयोग, खाद्य पदार्थों की अनुचित पैकिंग व लेबलिंग, तथा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के असुरक्षित भंडारण जैसी अनियमितताएं पाईं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सयाजी होटल की रसोई में गंभीर अनियमितताएं, लाइसेंस निलंबित
इंदौर के प्रतिष्ठित सयाजी होटल की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम को होटल की दोनों मुख्य रसोई और बेकरी में चिंताजनक स्थिति मिली। स्टोरेज क्षेत्र में चूहों और खाना तैयार करने वाले प्लेटफॉर्म पर कॉकरोच पाए जाने से खाद्य पदार्थों के दूषित होने का गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। अधिकारियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
इसके अतिरिक्त, लगभग 66 किलोग्राम नॉन-वेज खाद्य सामग्री ऐसी मिली, जिसे उचित पैकिंग, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट के बिना संग्रहीत किया गया था। यह खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, जिसके तहत पैक्ड या निर्धारित तरीके से संग्रहित खाद्य सामग्री पर सभी आवश्यक जानकारी का होना अनिवार्य है। सयाजी होटल के कोल्ड स्टोरेज में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखे जाने की बात भी सामने आई, जो क्रॉस-कंटामिनेशन के बड़े जोखिम को दर्शाता है। निरीक्षण में मूंगफली में फंगस और आलू-टमाटर जैसी सब्जियों में सड़न भी पाई गई। इन गंभीर खामियों के चलते होटल के दोनों मुख्य किचन और बेकरी को सील कर दिया गया और रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
पांच सितारा होटल का स्टेट लाइसेंस, जांच के दायरे में
जांच के दौरान सयाजी होटल से संबंधित एक अन्य महत्वपूर्ण अनियमितता का खुलासा हुआ। एक पांच सितारा होटल होने के बावजूद, संबंधित इकाई द्वारा सेंट्रल लाइसेंस के बजाय स्टेट लाइसेंस का उपयोग किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, प्रतिष्ठान के व्यवसाय के स्तर और पैमाने के आधार पर लाइसेंस की श्रेणी निर्धारित होती है। इस मामले में लाइसेंस की सही श्रेणी का पालन न करना भी एक बड़ी लापरवाही माना गया।
भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट पर भी कार्रवाई
इसी क्रम में, भोपाल स्थित कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल के खिलाफ भी खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग और एक केंद्रीय एजेंसी की संयुक्त टीम ने होटल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में होटल की रसोई और स्टोर रूम में स्वच्छता की स्थिति चिंताजनक पाई गई। रसोई क्षेत्र में गंदगी और चूहों की मौजूदगी के प्रमाण मिले। खाद्य पदार्थों को संभालने और स्टोर करने के तरीकों में भी खामियां पाई गईं, विशेष रूप से शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों के अनुचित भंडारण को लेकर आपत्ति दर्ज की गई, जिससे क्रॉस-कंटामिनेशन का खतरा बढ़ा। इन अनियमितताओं के परिणामस्वरूप, होटल के खाद्य लाइसेंस को निलंबित अथवा निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
एडम्स एल रेस्टोरेंट में 10 से अधिक एक्सपायर्ड प्रोडक्ट मिले
इंदौर में सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के बाद एडम्स एल रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट की रसोई और स्टोरेज में 10 से अधिक ऐसे खाद्य उत्पाद पाए गए, जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। पिस्ता, मिर्च पाउडर और सौंफ जैसे मसालों में कीड़े पाए जाने की बात भी सामने आई, जिसने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। रेस्टोरेंट के डीप फ्रीजर में भी शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री को एक साथ संग्रहीत किया गया था। इसके अलावा, खाना बनाने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इन कमियों के चलते रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
भोपाल में मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई, 51 हजार का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर भोपाल में भी कार्रवाई जारी रही। विशेष म्युनिसिपल मजिस्ट्रेट की मोबाइल कोर्ट ने कई होटल और रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान, स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और अन्य निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले 11 प्रतिष्ठानों पर कुल 51,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप की स्थिति है, और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान का दायरा, छोटे प्रतिष्ठान भी जांच के घेरे में
खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान केवल बड़े होटलों या ब्रांडेड रेस्टोरेंट्स तक सीमित नहीं है। छोटे रेस्टोरेंट्स, ढाबे, बेकरी, मिठाई की दुकानें, कैटरिंग यूनिट्स और खाद्य सामग्री का निर्माण या भंडारण करने वाले सभी प्रतिष्ठान जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों का मुख्य ध्यान उन स्थानों पर है जहाँ बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, क्योंकि ऐसी जगहों पर स्वच्छता की एक छोटी सी चूक भी गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकती है।
रसोई की स्वच्छता पर विशेष जोर, क्रॉस-कंटामिनेशन का खतरा
खाद्य सुरक्षा निरीक्षण के दौरान केवल खाद्य सामग्री की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि पूरी रसोई व्यवस्था की सघन जांच की जाती है। इसमें कच्चे और पके भोजन का अलग-अलग रखरखाव, शाकाहारी-मांसाहारी सामग्री की पृथक व्यवस्था, रेफ्रिजरेशन और डीप फ्रीजिंग की स्थिति, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल होते हैं। चूहों और कॉकरोच जैसे कीटों की मौजूदगी को विशेष रूप से गंभीर माना जाता है, क्योंकि इनके माध्यम से भोजन में संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा रहता है।
होटल व्यवसायियों में बढ़ी चिंता, जवाबदेही पर जोर
प्रतिष्ठित होटलों में लगातार सामने आ रही इन खामियों के बाद होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायियों में चिंता का माहौल है। बड़े ब्रांड और पांच सितारा होटलों के भी जांच के दायरे में आने से यह स्पष्ट संदेश गया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सभी स्तरों पर अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि महँगी सजावट और आधुनिक सुविधाओं से अधिक महत्वपूर्ण रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था है। विभाग की यह कार्रवाई खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
