माधव महाविद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भावुक कार्यक्रम
ग्वालियर के माधव महाविद्यालय में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 1947 के विभाजन की त्रासदियों और विस्थापन को याद किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 14 अगस्त 2026
ग्वालियर के माधव महाविद्यालय में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के संयुक्त तत्वावधान में एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 1947 के भारत विभाजन की भयानक त्रासदियों, विस्थापन, पीड़ा और मानवीय संवेदनाओं को स्मरण किया गया। 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इतिहास की कड़वी यादों से सबक लेना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. संतोष शर्मा ने 1947 के विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे उस दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा, सांप्रदायिक तनाव और असुरक्षा के माहौल में लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने उस समय की अकल्पमीय मानवीय त्रासदी, शरणार्थियों द्वारा झेली गई कठिन यातनाओं और नए स्थानों पर जीवन को फिर से स्थापित करने के संघर्षों का मार्मिक चित्रण किया। डॉ. शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि विभाजन की यह पीड़ा हमें सदैव एकता, भाईचारे और राष्ट्रीय समरसता बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
पारिवारिक अनुभव और ऐतिहासिक संदर्भ
कार्यक्रम में डॉ. दीप्ति नारंग ने अपने परिवार के मुल्तान और शुजाबाद से भारत आने के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उनके पूर्वजों को विस्थापन के मार्ग में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। डॉ. नारंग ने इस बात का भी उल्लेख किया कि कैसे विस्थापित परिवारों ने विषम परिस्थितियों में भी अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर पुनः जीवन स्थापित किया। उन्होंने ग्वालियर में स्थित शूजाबाद भवन और मुल्तान भवन का उदाहरण देते हुए बताया कि इनका निर्माण पाकिस्तान से आए पंजाबी परिवारों द्वारा ही किया गया था।
राष्ट्रीय समरसता और राष्ट्र निर्माण पर जोर
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमें इतिहास की त्रासदियों से सीख लेकर समाज में एकता, सद्भाव और राष्ट्रीय समरसता को और अधिक मजबूत करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अतीत की घटनाओं से प्रेरणा लेकर एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान, एक मार्मिक वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विभाजन की विभीषिका को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया, जिसने उपस्थित विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम में डॉ. कौशलेन्द्र अवस्थी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें इतिहास की गलतियों से सबक लेकर किसी भी प्रकार के भ्रामक या भारत विरोधी विचारों और षड्यंत्रों से सचेत रहना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरिता दीक्षित ने किया और आभार प्रदर्शन डॉ. कौशलेन्द्र अवस्थी ने व्यक्त किया। मंच पर प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा, डॉ. संतोष शर्मा और NSS के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडे उपस्थित रहे। NCC अधिकारी लेफ्टिनेंट मुलायम सिंह ने कार्यक्रम के संयोजन की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया और शहीदों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को इतिहास से सीख लेकर राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
