माधव कॉलेज में डॉ. पांडेय के जन्मदिन पर पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
ग्वालियर के माधव कॉलेज में डॉ. संजय कुमार पांडेय के जन्मदिवस पर पौधारोपण कार्यक्रम हुआ। बम बम भोले सेवा दल ने भी हिस्सा लिया और...

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 23 जुलाई 2026
शहर के प्रतिष्ठित माधव महाविद्यालय परिसर में शुक्रवार को डॉ. संजय कुमार पांडेय के जन्मदिन के अवसर पर एक महत्वपूर्ण पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के साथ-साथ 'बम बम भोले सेवा दल' के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधे रोपे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना था।
वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि समाज का प्रत्येक नागरिक इस संकल्प को अपना ले, तो हम न केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रख सकते हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण भी प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन छात्रों को भी प्रेरित करते हैं, जिससे देश अधिक हरा-भरा होगा।
पर्यावरण संरक्षण हेतु सामूहिक संकल्प
पौधारोपण के इस पुनीत कार्य में 'बम बम भोले सेवा दल' की सक्रिय सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। दल के सदस्यों ने न केवल पौधों के रोपण में योगदान दिया, बल्कि उनके नियमित रखरखाव और संरक्षण का भी संकल्प लिया। इस भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि पर्यावरण सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें विभिन्न संगठन और नागरिक मिलकर कार्य कर सकते हैं।
सम्मानित अतिथियों की उपस्थिति
इस पौधारोपण अभियान में शहर और महाविद्यालय के कई गणमान्य नागरिक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा, जिला संगठक डॉक्टर मनोज अवस्थी, आनंद पचौरी, श्री सुभाष शर्मा सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी अतिथियों और सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने रोपे गए पौधों को सींचकर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया। यह आयोजन महाविद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
