लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश: फरियादी ही निकला मास्टरमाइंड, दो साथी गिरफ्तार
दमोह में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटने की घटना झूठी निकली। पुलिस जांच में फरियादी घनश्याम अहिरवार ही अपने दो साथियों संग लूट की साजिश का सरगना पाया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 11 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटने की एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि फरियादी खुद ही इस लूट की साजिश का मुख्य सरगना था। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई और फिर अज्ञात लुटेरों द्वारा राशि छीनने की झूठी कहानी गढ़ी। इस मामले में पुलिस ने फरियादी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लूट की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा बरामद किया है।
यह घटना 8 अगस्त 2026 को दमोह देहात थाना क्षेत्र के जबलपुर नाका चौकी में हुई थी। फरियादी घनश्याम अहिरवार (21), जो हाल ही में दमोह में रह रहा था, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों ने उसकी साथी ट्रेनी जूही चंदेल के हाथ से कलेक्शन की करीब एक लाख तेईस हजार रुपये से भरी बैग बलपूर्वक छीन ली। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309 (4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
लूट की साजिश का मास्टरमाइंड निकला फरियादी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दमोह श्री आनंद कलादगि (IPS) के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटना के आसपास लगे लगभग 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। विवेचना के दौरान, पुलिस को फरियादी घनश्याम अहिरवार की भूमिका संदिग्ध लगी, जिस पर उससे गहन पूछताछ की गई।
पूछताछ में घनश्याम अहिरवार ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने साथी संजय सौर (22) और सोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक (18), जो सभी पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर के निवासी हैं, के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। उन्होंने ही घटना को अंजाम दिया और राशि लूटी। आरोपियों ने स्वीकार किया कि लूटी गई राशि में से 1,17,335 रुपये प्राप्त हुए थे, जिसमें से लगभग 12,335 रुपये उन्होंने खर्च कर दिए और शेष 1,05,000 रुपये आपस में बांट लिए। गौरतलब है कि घटना के अगले दिन फरियादी ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध जो रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसमें उसने लूटी गई राशि को बढ़ाकर 1,23,800 रुपये बताया था, जो उसकी मनगढ़ंत कहानी को पुष्ट करने का प्रयास था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने तीनों आरोपियों, घनश्याम अहिरवार, संजय सौर और सोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और 1,05,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। जब्त की गई कुल सामग्री की कीमत लगभग 01 लाख 83 हजार रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री आनंद कलादगि के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक श्री एच.आर. पाण्डेय के निर्देशन में थाना प्रभारी दमोह देहात निरीक्षक धर्मेन्द्र उपाध्याय, उपनिरीक्षक प्रियंका पटैल, सहायक उपनिरीक्षक अभय सिंह और प्रआर जालम सिंह, प्रआर सौरभ टण्डन, राकेश अठ्या, डेलन सिंह, चंद्रहास दांगी, आर. रूपेश यादव, मंयक दुबे, गौरव मिश्रा, गौरव घोषी, मनोज पाण्डेय, और लवकुश की सराहनीय भूमिका रही।
