लोहिया अस्पताल में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, कर्मचारियों में दिखी घबराहट
फर्रुखाबाद के लोहिया पुरुष अस्पताल में जिला मजिस्ट्रेट के सख्त निर्देशों के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी गई है। सभी 250 कर्मचारियों के...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 18 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद के लोहिया पुरुष अस्पताल में अब उपस्थिति दर्ज कराने के लिए केवल बायोमेट्रिक प्रणाली का ही उपयोग किया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट के औचक निरीक्षण और कड़े निर्देशों के बाद शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन ने इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस फैसले से अस्पताल के करीब 250 नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
अस्पताल परिसर में अब पुराने हाजिरी रजिस्टर की जगह आधुनिक बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। सीएमएस कार्यालय और इमरजेंसी वार्ड में दो मशीनें स्थापित की गई हैं, जहाँ से डॉक्टर और अन्य स्टाफ अपनी उंगलियों के निशान से उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने स्पष्ट किया कि मैन्युअल रजिस्टर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है और सभी कर्मचारियों को नई डिजिटल प्रणाली का पालन करना अनिवार्य है।
तकनीकी बाधाओं से शुरुआती दिन की शुरुआत
नई व्यवस्था लागू होने के पहले दिन कई कर्मचारियों को उपस्थिति दर्ज कराने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई कर्मचारियों के नाम सिस्टम में फीड नहीं होने के कारण मशीन उनकी उंगलियों के निशान को पहचानने में विफल रही। चिकित्सकों और अन्य स्टाफ सदस्यों को अपनी हाजिरी लगाने के लिए बार-बार प्रयास करते देखा गया।
अस्पताल प्रशासन ने स्वीकार किया है कि डेटाबेस को पूरी तरह अपडेट करने में कुछ समय लग सकता है। हालांकि, जिला प्रशासन का रुख कड़ा है और उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में उपस्थिति के लिए किसी भी प्रकार की मैन्युअल प्रणाली को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समयबद्धता सुनिश्चित करने का प्रयास
इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में कार्य संस्कृति में सुधार लाना और डॉक्टरों तथा अन्य चिकित्सा कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना है। प्रशासन का मानना है कि इससे मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और किसी भी प्रकार की कोताही पर अंकुश लगाया जा सकेगा। अस्पताल प्रशासन अब डेटाबेस को जल्द से जल्द अपडेट करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रहा है ताकि भविष्य में ऐसी तकनीकी बाधाएं उत्पन्न न हों।
