BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

लेखपालों की कलम बंद हड़ताल: एंटी करप्शन की कार्रवाई पर जताई नाराजगी

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने एंटी करप्शन की कथित गलत ट्रैप कार्रवाई के विरोध में एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल की। मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में निष्पक्ष जांच और नई गाइडलाइन की मांग की गई है।

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
लेखपालों की कलम बंद हड़ताल: एंटी करप्शन की कार्रवाई पर जताई नाराजगी

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रूखाबाद | 22 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जनपद की सदर तहसील में लेखपालों ने थाना दिवस का बहिष्कार करते हुए एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार सदर विक्रम सिंह चाहर को सौंपा। संघ ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन, एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम की ओर से लेखपालों के विरुद्ध की जा रही कथित गलत, अनुचित, फर्जी एवं दुर्भावनापूर्ण ट्रैप कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

संघ के अध्यक्ष अभय त्रिवेदी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में लेखपालों ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और वे गांव-गांव जाकर भूमि संबंधी विवादों, पैमाइश, अतिक्रमण तथा शासन की विभिन्न योजनाओं से जुड़े कार्यों का निर्वहन करते हैं। कई बार भूमि विवाद, पैमाइश या किसी नियमविरुद्ध कार्य को करने से इनकार करने पर असंतुष्ट व्यक्ति या दलाल निजी रंजिश या दुर्भावना के चलते लेखपालों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास करते हैं।

एंटी करप्शन की कार्रवाई पर उठे सवाल

संघ ने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि और संबंधित कार्य में लेखपाल की भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र का पर्याप्त परीक्षण किए बिना ही ट्रैप कार्रवाई की जा रही है। इससे निष्ठावान कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है। संघ ने विशेष रूप से 20 अगस्त 2026 को अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्षदीप के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों को देखते हुए यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि वास्तव में रिश्वत की मांग की गई थी अथवा लेखपाल को किसी षड्यंत्र के तहत फंसाया गया।

मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें

लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि वे भ्रष्टाचार का किसी भी रूप में समर्थन नहीं करते। यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगने या लेने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष कर्मचारियों को निजी रंजिश, झूठी शिकायत या जबरन ट्रैप के माध्यम से फंसाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संघ ने मुख्यमंत्री से अयोध्या के सोहावल प्रकरण की पुलिस विभाग से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ट्रैप कार्रवाई से पूर्व शिकायत की सत्यता और शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच को अनिवार्य करने तथा भ्रष्टाचार निरोधक एवं विजिलेंस विभाग के लिए ट्रैप कार्रवाई को लेकर स्पष्ट, पारदर्शी और जवाबदेह दिशा-निर्देश जारी करने की भी अपील की है। संघ ने चिंता व्यक्त की कि यदि ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों के मन में झूठे ट्रैप और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का भय बना रहेगा, तो वे भयमुक्त होकर निष्पक्ष एवं प्रभावी ढंग से अपना कार्य नहीं कर सकेंगे। संघ ने निर्दोष लेखपालों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष सचिन मिश्रा, मंत्री ऋषभ सिंह, लेखपाल आशुतोष पाण्डेय, प्रमोद शुक्ला, सोनी मिश्रा, महेश्वर सिंह, अमित प्रताप, उज्जवल गुप्ता, अनुष्का कुशवाह सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।