लेखपालों की हड़ताल जारी, तहसील का कामकाज ठप, प्रमाण पत्रों का निस्तारण रुका
बलरामपुर में लेखपालों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। पांच सूत्रीय मांगों पर अड़े लेखपालों के कार्य बहिष्कार से तहसील का कामकाज पूरी तरह प्रभावित है, जिससे लगभग 500 प्रमाण पत्रों का निस्तारण लंबित पड़ा है।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 30 जुलाई 2026
बलरामपुर की सदर तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ द्वारा अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का चौथा दिन भी गुरुवार को जारी रहा, जिससे तहसील का संपूर्ण कामकाज ठप पड़ा हुआ है। लेखपालों के इस आंदोलन से आम जनता, खासकर छात्र-छात्राओं, नौकरी के अभ्यर्थियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रकार के लगभग 500 प्रमाण पत्रों के निस्तारण का कार्य लंबित हो गया है।
संघ के पदाधिकारी और सदस्य अपनी मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पर लगातार धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी पांच सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस आंदोलन के कारण न केवल प्रमाण पत्रों का निस्तारण रुका हुआ है, बल्कि राजस्व से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लेखपालों की प्रमुख मांगें
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से मुख्य रूप से पांच सूत्रीय मांगों को उठाया गया है। इनमें निलंबित तहसील अध्यक्ष की तत्काल बहाली, पात्र लेखपालों के लिए लंबित एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ लागू करना, फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में जारी किए गए स्पष्टीकरण को वापस लेना, जीपीएफ पासबुक और सर्विस बुक का अद्यतन करना, तथा लंबित देयकों और एरियर का शीघ्र भुगतान शामिल है।
संघ के तहसील अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने बताया कि मांगों के संबंध में अब तक कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके कारण लेखपाल अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल हो रहे हैं, जो अपनी एकजुटता का परिचय दे रहे हैं।
आमजन और अधिवक्ताओं को हो रही परेशानी
लेखपालों की हड़ताल का सीधा असर आम नागरिकों और अधिवक्ताओं पर पड़ रहा है। विभिन्न कार्यों के लिए प्रमाण पत्रों का इंतजार कर रहे लोग तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। वकीलों को भी राजस्व संबंधी कार्यों में बाधा आ रही है, जिससे उनके मुवक्किलों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस गतिरोध के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।
