लौकहवा डिप पर ₹10.55 करोड़ का पुल बनेगा, दो लाख लोगों को मिलेगी सुविधा
बलरामपुर: तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल के प्रयासों से लौकहवा डिप पर ₹10.55 करोड़ की लागत से 80.08 मीटर लंबा दीर्घ सेतु और पहुंच मार्ग निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिली है। इससे लगभग दो लाख लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 1 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले के तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात मिली है। हरिहरगंज–ललिया–बनकटवा अन्य जिला मार्ग पर स्थित लौकहवा डिप पर बहुप्रतीक्षित दीर्घ सेतु, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य की परियोजना को शासन स्तर पर व्यय वित्त समिति की बैठक में वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। विधायक तुलसीपुर कैलाशनाथ शुक्ल के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की वर्षों पुरानी आवागमन संबंधी समस्या का स्थायी समाधान होगा, जिससे दर्जनों गांवों के लगभग दो लाख लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹1055.38 लाख, यानी लगभग ₹10.55 करोड़ है। 31 अगस्त 2026 को आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिलने से पुल निर्माण की दिशा में एक बड़ा पड़ाव पार हो गया है। विधायक शुक्ल ने क्षेत्र की इस प्रमुख समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रभावी पैरवी की थी, जिसके फलस्वरूप लोक निर्माण विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने परियोजना का प्रारंभिक विस्तृत आगणन तैयार किया था।
80.08 मीटर लंबा होगा प्रस्तावित सेतु, आवागमन होगा सुगम
प्रस्तावित दीर्घ सेतु की कुल लंबाई 80.08 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर होगी। परियोजना के अंतर्गत सेतु के दोनों ओर 200-200 मीटर लंबे पहुंच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा, जिसमें आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शामिल होंगे। इसके पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों को वर्षभर सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। वर्तमान में, वर्षा ऋतु के दौरान आसपास के नालों का पानी एकत्रित होने से लौकहवा डिप पर मार्ग अवरुद्ध हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
बारिश में जलभराव से मार्ग बंद, 70 किमी का अतिरिक्त चक्कर
लौकहवा डिप पर कोई नदी नहीं है, परंतु भारी वर्षा होने पर आसपास के विभिन्न नालों का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इस दौरान राहगीरों, स्कूली छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों के लिए पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना और जनहानि का खतरा बना रहता है। यह मार्ग हरिहरगंज, ललिया, शिवपुर, बनकटवा और बरदौलिया सहित अनेक गांवों के लिए जीवनरेखा का कार्य करता है। वर्षा के समय मार्ग अवरुद्ध होने से स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
सामान्य दिनों में लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, लेकिन बारिश में डिप पर पानी भरने और मार्ग बंद होने की स्थिति में स्थानीय निवासियों को बलरामपुर जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए लगभग 70 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ता है। दीर्घ सेतु का निर्माण हो जाने के बाद क्षेत्रवासियों को इस बड़ी असुविधा से स्थायी निजात मिल जाएगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
दो लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ, आपातकालीन सेवाओं को भी मिलेगी सुगमता
सेतु और पहुंच मार्ग के निर्माण से ललिया, हरिहरगंज, शिवपुरा, बनकटवा और वरदौलिया सहित आसपास के दर्जनों गांवों की लगभग दो लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को पूरे वर्ष सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। पुल बनने से एंबुलेंस, अग्निशमन और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी क्षेत्र के गांवों तक अधिक आसानी से पहुंच सकेंगी, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।
किसानों को अपनी उपज को बाजार तक ले जाने में सुविधा होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावना है। साथ ही, स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी आवश्यक प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बल मिलेगा। यह परियोजना क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
शीघ्र मिल जाएगी प्रशासकीय स्वीकृति, निर्माण कार्य होगा प्रारंभ
उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निर्माण इकाई, रोहित अग्रवाल ने बताया कि परियोजना को व्यय वित्त समिति की बैठक में वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और वर्तमान में प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया चल रही है, जो शीघ्र पूरी हो जाएगी। शासनदेश प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
लौकहवा डिप पर दीर्घ सेतु का निर्माण केवल यातायात सुविधा उपलब्ध कराने वाली परियोजना मात्र नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के विकास की एक नई जीवनरेखा सिद्ध होगी। वित्तीय स्वीकृति मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विधायक कैलाशनाथ शुक्ल के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है, जो क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
