ललिता गौतम हत्याकांड: CM योगी ने दिया इंसाफ का भरोसा, 5 लाख सहायता और आवास
मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, जहां सीएम ने निष्पक्ष कार्रवाई और आर्थिक सहायता का भरोसा...

टॉप समरी
- क्या हुआ: मेरठ की ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार ने गाजियाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ से 25 मिनट मुलाकात की।
- यह महत्वपूर्ण क्यों है: मुख्यमंत्री ने मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
- लोगों के लिए क्या बदलता है: पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और मृतका के पिता-चाचा को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
- कौन प्रभावित है: मेरठ की ललिता गौतम हत्याकांड का पीड़ित परिवार और स्थानीय प्रशासन, जिस पर कार्रवाई का दबाव है।
मुख्यमंत्री योगी ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
मेरठ के बहुचर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गाजियाबाद में मुलाकात की। यह मुलाकात पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई, जो करीब 25 मिनट तक चली।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अब तक हुई पुलिस कार्रवाई पर भी विस्तार से चर्चा की और परिजनों से फीडबैक लिया।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
"इस जघन्य अपराध में शामिल कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस जांच पर भी सीधे फीडबैक लिया।
आर्थिक सहायता और आवास का ऐलान
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने मृतका के पिता और चाचा को आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवार को पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई। यह राशि पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरठ मंडल के कमिश्नर को भी मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
आगे क्या देखना है
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पुलिस जांच में कितनी तेजी आती है और दोषियों पर कब तक सख्त कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। पीड़ित परिवार को मिलने वाली सहायता राशि और आवास के क्रियान्वयन पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
