लाल किले से पीएम मोदी का 13वां संबोधन, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आत्मनिर्भरता का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और विकास पर जोर देते हुए देशवासियों को संकल्प का संदेश दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 15 अगस्त 2026
भारत ने शनिवार, 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति और गौरव के साथ मनाया। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के उपरांत देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास, आत्मनिर्भरता और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के राजघाट पहुंचने से हुई, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात वे लाल किले पहुंचे और राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसके साथ ही 'वंदे मातरम्' की गूंज ने पूरे माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इस वर्ष के समारोह में 'वंदे मातरम्' का विशेष गायन पहली बार आकर्षण का केंद्र बना।
स्वदेशी रक्षा क्षमता का प्रदर्शन
ध्वजारोहण के अवसर पर प्रधानमंत्री ने 21 तोपों की सलामी स्वीकार की। इस वर्ष की सलामी की एक महत्वपूर्ण विशेषता स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का उपयोग रहा। 1721 फील्ड बैटरी द्वारा दी गई इस सलामी ने न केवल सैन्य गौरव का प्रदर्शन किया, बल्कि देश की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी बल प्रदान किया। यह कदम देश की रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रतीक था।
राष्ट्र को संकल्पों का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने 13वें संबोधन में भारत की अब तक की उपलब्धियों, राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व, आर्थिक एवं सामाजिक विकास और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को विकास की गति को और तेज करते हुए एक आत्मनिर्भर एवं सुदृढ़ राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ना है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आधुनिक और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
लाल किले पर तिरंगा फहराए जाने के साथ ही पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, सरकारी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक स्थलों पर ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीर जवानों को स्मरण किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन ने देश के सामने विकास, सुरक्षा और राष्ट्रीय निर्माण से जुड़े लक्ष्यों का एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। 15 अगस्त का यह समारोह देश की 80वीं वर्षगांठ के साथ-साथ भारत की उपलब्धियों, वर्तमान चुनौतियों और आगामी वर्षों की आकांक्षाओं का प्रतीक बना।
