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लक्ष्य का पीछा करने में भारतीय बल्लेबाजों की विफलता पर गावस्कर ने उठाए सवाल

सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 में मिली हार के बाद भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर चिंता जताई है। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते समय अधिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

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लक्ष्य का पीछा करने में भारतीय बल्लेबाजों की विफलता पर गावस्कर ने उठाए सवाल

द क्लिफ न्यूज़ | हैदराबाद | 16 अक्टूबर 2026

वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 24 रन से मिली हार के बाद भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लक्ष्य का पीछा करते समय भारतीय बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी दिखाने की आवश्यकता है। गावस्कर के अनुसार, यदि बल्लेबाज अपनी भूमिकाओं को गंभीरता से नहीं निभाएंगे, तो टीम के लिए लगातार सफलता हासिल करना बेहद मुश्किल होगा।

14 अक्टूबर को खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में, भारतीय टीम 20 ओवरों में 223 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस प्रकार, वेस्टइंडीज ने यह मैच 24 रन से जीतकर पांच मैचों की टी20 श्रृंखला को 2-2 से बराबर कर दिया। अब इस श्रृंखला का निर्णायक और अंतिम मुकाबला बेंगलुरु में खेला जाना है।

लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति पर गंभीर सवाल

जियोस्टार से बातचीत के दौरान, गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम को सबसे पहले लक्ष्य का पीछा करने के अपने तरीके में तत्काल सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी इकाई को सामूहिक रूप से अधिक जिम्मेदारी उठाने की सख्त जरूरत है। उनके विचार से, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय केवल आक्रामक शुरुआत करना पर्याप्त नहीं होता है। बल्लेबाजों को पारी को खेल की परिस्थितियों के अनुरूप आगे बढ़ाना और सबसे महत्वपूर्ण, महत्वपूर्ण विकेटों को बचाकर रखना भी उतना ही जरूरी है।

इस मैच में संजू सैमसन ने भारतीय टीम को एक बेहद तेज शुरुआत दिलाई थी। उन्होंने मात्र 23 गेंदों में 56 रन बनाकर जीत की एक मजबूत उम्मीद जगाई थी। अभिषेक शर्मा ने 29 रन का योगदान दिया, लेकिन वह अपनी अच्छी शुरुआत को एक बड़ी पारी में बदलने में असफल रहे। ईशान किशन केवल छह रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर केवल 16 रन ही बना सके। लगातार अंतराल पर विकेट गिरने के कारण, भारतीय टीम अंततः लक्ष्य से काफी पीछे रह गई।

गावस्कर ने संजू सैमसन की साहसिक शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश, बाकी बल्लेबाज इसका पूरा फायदा उठाने में नाकाम रहे। उन्होंने अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी को उनके सामान्य स्तर के अनुरूप नहीं बताया। वहीं, ईशान किशन के जल्दी आउट होने और श्रेयस अय्यर की हालिया खराब फॉर्म पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय, बल्लेबाजों को खेल की बारीकियों को समझना चाहिए और उसी के अनुसार अपनी रणनीति तय करनी चाहिए।

गेंदबाजों का बचाव, लेकिन बल्लेबाजी पर जोर

भारतीय टीम की इस हार में जहां बल्लेबाजी की विफलता एक प्रमुख कारण रही, वहीं गेंदबाज भी वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद, सुनील गावस्कर ने युवा और अनुभवहीन गेंदबाजों को इस हार के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया।

उन्होंने कहा कि नए गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव हासिल करने के लिए उचित समय देना आवश्यक है। उन्हें भी बड़े बल्लेबाजों के खिलाफ रन पड़ने और गलतियों से सीखने का अवसर मिलना जरूरी है। गावस्कर के अनुसार, गेंदबाजी में कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन पूरी हार का दोष केवल गेंदबाजों पर डालना बिल्कुल भी उचित नहीं है। क्रिकेट जैसे खेल में जीत के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाना होता है।

विश्व विजेता टीम से अपेक्षाएं

गावस्कर ने मैच में ओस से प्रभावित परिस्थितियों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी पिचों पर भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी से अधिक दबदबा दिखाना चाहिए था। लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम से, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय, अधिक आत्मविश्वास और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। हालांकि, इस विशेष मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज उस स्तर का प्रदर्शन करने में पूरी तरह विफल रहे, जिसकी उनसे अपेक्षा की गई थी।

अब भारतीय टीम के सामने निर्णायक मुकाबले में अपनी गलतियों को सुधारने की एक बड़ी चुनौती होगी। बल्लेबाजों को शुरुआती साझेदारी का लाभ उठाने, गैरजरूरी जोखिमों को कम करने और मध्यक्रम में महत्वपूर्ण विकेटों को बचाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा। साथ ही, अत्यधिक दबाव की स्थिति में रन गति को बनाए रखना भी टीम की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली यह हार भारतीय टीम की लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सुनील गावस्कर की टिप्पणी का मुख्य संदेश यही है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ-साथ सामूहिक जिम्मेदारी भी जीत के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्णायक मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज इस महत्वपूर्ण सीख को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं, क्योंकि टीम की सफलता काफी हद तक इसी पर निर्भर करेगी।

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