लक्षार्थ 2026 के विजेता दिल्ली में, देखा संसद और राष्ट्रपति भवन
अतुल्यम वेलफेयर सोसाइटी के 'लक्षार्थ 2026' के मेधावी छात्र, सांसद माया नारोलिया के सौजन्य से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने संसद भवन व राष्ट्रपति भवन का अवलोकन किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 25 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया के सौजन्य से प्रतिष्ठित छात्र संसद 'लक्षार्थ 2026' के उत्कृष्ट प्रतिभागियों ने राजधानी दिल्ली का एक विशेष शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक परिभ्रमण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को भारतीय लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्थाओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था, जिससे उनमें नागरिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके। यह पहल अतुल्यम वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित 'लक्षार्थ 2026' छात्र संसद के विजेताओं को एक अनूठा अवसर प्रदान करने के लिए की गई थी।
विगत दिनों 'लक्षार्थ 2026' के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई सांसद नारोलिया ने कार्यक्रम में सर्वाधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भारतीय संसद के प्रत्यक्ष अवलोकन हेतु दिल्ली आमंत्रित करने की घोषणा की थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि युवा पीढ़ी को केवल किताबों में ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिप्रेक्ष्य में संसदीय प्रणाली को समझना आवश्यक है। अपने इसी वादे को पूरा करते हुए, उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल को नई दिल्ली के दौरे के लिए प्रायोजित किया, ताकि वे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नजदीक से देख सकें।
संसदीय प्रणाली की प्रत्यक्ष समझ
दिल्ली आगमन पर, छात्र दल ने नवनिर्मित और ऐतिहासिक संसद भवन परिसर का बारीकी से अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संवैधानिक व्यवस्था, विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय कार्यप्रणाली की जटिलताओं को अत्यंत निकटता से समझा। उपस्थित अधिकारियों द्वारा उन्हें संसद के विभिन्न सत्रों, विधेयकों के पारित होने की प्रक्रिया और सांसदों की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। यह अनुभव छात्रों के लिए कक्षा की सैद्धांतिक शिक्षा से परे, व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का एक अनूठा अवसर साबित हुआ, जिसने लोकतंत्र के कामकाज में उनकी समझ को गहरा किया।
छात्रों ने संसद के भीतर स्थापित विभिन्न कलाकृतियों और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं को भी देखा, जो भारत की संसदीय यात्रा की गवाही देती हैं। उन्हें संसदीय बहसों के महत्व और जनहित में निर्णय लेने की प्रक्रिया के बारे में भी समझाया गया। यह प्रत्यक्ष अनुभव युवाओं को देश के शासन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन
संसद भवन के अवलोकन के अतिरिक्त, छात्र प्रतिनिधिमंडल ने भारत के राष्ट्रपति भवन का भी भ्रमण किया। यहां उन्हें राष्ट्रपति पद की गरिमा, राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक महत्व और उसके वास्तुशिल्प की जानकारी दी गई। इसके साथ ही, दल ने देश की अनेक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों, जैसे कि राष्ट्रीय संग्रहालय और इंडिया गेट, का भी भ्रमण किया। इस भ्रमण के माध्यम से उन्होंने भारत के समृद्ध स्थापत्य कला का अनुभव किया और देश के गौरवशाली अतीत व लोकतांत्रिक मूल्यों की गहन अनुभूति प्राप्त की।
इन स्थानों के भ्रमण ने छात्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा और उनमें राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रबल किया। उन्होंने इन ऐतिहासिक स्थलों के महत्व को समझा और जाना कि कैसे ये स्थान देश की पहचान और उसके लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक हैं। यह यात्रा उनके लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुई।
भ्रमण के उपरांत, विद्यार्थियों ने सांसद श्रीमती माया नारोलिया के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके बौद्धिक विकास और नेतृत्व कौशल को निखारने में एक मील का पत्थर साबित होगा। 'लक्षार्थ 2026' जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस भ्रमण ने उन्हें भविष्य में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए और अधिक प्रोत्साहित किया है।
