लहार विधायक की दो टूक: विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
लहार विधायक अम्बरीश शर्मा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास कार्यों में लापरवाही न बरतने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कार्यशैली सुधारने की नसीहत...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 1 अक्टूबर 2026
लहार क्षेत्र में विकास कार्यों की गति और जन समस्याओं के निवारण को लेकर विधायक अम्बरीश शर्मा ने एक कड़ा रुख अपनाया है। लहार एसडीएम प्रदीप मिश्रा की उपस्थिति में जनपद पंचायत सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान, उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता लाना और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।
विधायक अम्बरीश शर्मा ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाने में असमर्थ हैं और केवल औपचारिकता निभाने में लगे हैं, तो उन्हें स्वेच्छा से अपना स्थानांतरण कराकर क्षेत्र से बाहर चले जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब किसी भी दोषी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल, कांग्रेस पर साधा निशाना
इस दौरान विधायक ने लहार नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि लहार एक बड़ी नगर पालिका है और यहाँ कांग्रेस की परिषद कार्यरत है। विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी अक्षमता और निष्क्रियता को छिपाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दोष मढ़कर ओछी राजनीति कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे स्वयं नगर को समस्या मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कांग्रेस परिषद को भी प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए।
खाद्य एवं लोक निर्माण विभाग को मिले स्पष्ट निर्देश
लगभग तीन घंटे तक चली इस विभागवार समीक्षा बैठक में विधायक ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। खाद्य निरीक्षक सुनील मुद्गल को इस बात पर कड़ी फटकार लगाई गई कि गरीबों को राशन वितरण में किसी भी प्रकार की धांधली या समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, ताकि जरूरतमंदों तक उनका हक सही तरीके से पहुंचे।
इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग की सड़कों की खस्ताहाल स्थिति पर भी विधायक ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सड़कों में बने गड्ढों को तत्काल भरने और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि क्षेत्र में सड़कों के विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी, जिससे कई ग्रामीण मार्ग मुख्य मार्गों से जुड़ सकेंगे। विधायक ने भरोसा दिलाया कि इन महत्वपूर्ण विकास कार्यों के सकारात्मक परिणाम दिसंबर माह तक धरातल पर दिखने शुरू हो जाएंगे।
पंचायत विभाग को भी लगी फटकार, फील्ड में सक्रिय रहने पर जोर
बैठक में पंचायत विभाग के अधिकारियों को भी विधायक की नाराजगी का सामना करना पड़ा। सीईओ के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित एई कुशवाहा को क्षेत्र की विकास योजनाओं की जानकारी न होने पर विधायक ने कड़ी चेतावनी दी। उन्हें निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायतों के मुख्य मार्गों को सुगम और बेहतर बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों का आवागमन सुलभ हो सके और वे अपनी दैनिक गतिविधियों को आसानी से संपादित कर सकें।
विधायक अम्बरीश शर्मा ने अंत में सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर जनता की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात को दोहराया कि प्रशासन की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता गरीब और मजदूर वर्ग की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी अधिकारी गलत मानसिकता के साथ जनता को परेशान करेगा या अपने कर्तव्य का निर्वहन ठीक से नहीं करेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
