लहार एसडीएम पर पटवारियों से अभद्रता का आरोप, संघ ने की निष्पक्ष जांच की मांग
भिंड में लहार एसडीएम पर अभद्रता का आरोप, महिला पटवारी के साथ अमर्यादित व्यवहार का मामला सामने आया। पटवारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बोहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 10 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले में लहार उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) महेंद्र सौजन्य पर पटवारियों के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के विरोध में मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष विनायक सिंह तोमर के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि 8 सितंबर 2026 की शाम को सात बजे एसडीएम के निर्देश पर पटवारियों को उनके कार्यालय में बुलाया गया था। आरोप है कि एसडीएम ने वहां पहुंचने पर अत्यंत अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। संघ ने विशेष रूप से एक महिला पटवारी के साथ किए गए व्यवहार पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। ज्ञापन के अनुसार, जब नायब तहसीलदार ने महिला पटवारी को बैठने के लिए कहा, तो एसडीएम ने इस पर आपत्ति जताते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और महिला पटवारी को तब तक खड़े रहने की हिदायत दी जब तक उन्हें बैठने का आदेश न मिल जाए।
पूर्व में की गई दण्डात्मक कार्यवाहियों पर भी उठे सवाल
पटवारी संघ ने केवल इस बैठक तक ही सीमित न रहकर एसडीएम द्वारा पूर्व में की गई दण्डात्मक कार्यवाहियों पर भी सवाल उठाए हैं। संघ का दावा है कि अनेक पटवारियों के निलंबन, वेतन कटौती और वेतन रोकने जैसी प्रक्रियाओं में नियमों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों को न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया, जो प्रशासनिक नियमों के विरुद्ध है।
पीएम किसान योजना की शिकायतों पर पटवारियों की सफाई
इस दौरान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना से जुड़ी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष विनायक सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि पीएम-किसान पोर्टल पर फॉर्म भरने, उसमें संशोधन करने या शिकायतों का समाधान करने जैसे तकनीकी अधिकार पटवारियों के पास उपलब्ध ही नहीं हैं। इसके बावजूद, इन लंबित शिकायतों के लिए पटवारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना और उन पर दण्डात्मक कार्यवाही करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। संघ ने प्रशासन से अपील की है कि इन तकनीकी सीमाओं को समझा जाए और बिना उचित जांच के किसी भी पटवारी के खिलाफ कोई भी दण्डात्मक कदम न उठाया जाए। संघ ने उम्मीद जताई है कि कलेक्टर इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर न्यायसंगत कार्यवाही करेंगे।
