कुरवाई अध्यक्ष दंपत्ति पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र व आय से अधिक संपत्ति के आरोप
कुरवाई नगर परिषद की अध्यक्ष और उनके पति पर फर्जी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र के इस्तेमाल और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | विदिशा | 21 जुलाई 2026
विदिशा जिले के कुरवाई नगर परिषद की अध्यक्ष आयशा हसरुद्दीन खान और उनके पति व पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हसरुद्दीन खान पर फर्जी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक शिकायतकर्ता, साबिर खान ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, हसरुद्दीन खान पर वर्ष 2014 में कथित रूप से फर्जी मेवाती (ओबीसी) जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करके नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव जीतने का आरोप है। इसी तरह, उनकी पत्नी आयशा हसरुद्दीन खान पर भी वर्ष 2022 में इसी आधार पर अध्यक्ष पद हासिल करने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह दंपत्ति वास्तव में सामान्य वर्ग से संबंधित है।
संपत्ति में अत्यधिक वृद्धि का आरोप
साबिर खान ने अपने आरोपों में कहा है कि वर्ष 2014 में हसरुद्दीन खान द्वारा प्रस्तुत किए गए शपथ पत्र के अनुसार उनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये थी। लेकिन, शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 2026 तक उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 12 से 15 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले दस वर्षों में संपत्ति में लगभग एक हजार गुना की वृद्धि हुई है।
शिकायत में संपत्ति के विवरण के तौर पर भोपाल में दो बंगलों, एक फार्महाउस, एक महंगे प्लॉट, लग्जरी वाहनों, कुरवाई में एक भवन, करोड़ों रुपये की नकदी, बैंक जमाओं, बेटियों की विदेश में महंगी शिक्षा और दुबई में एक फ्लैट का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि दुबई में फ्लैट और विदेशों से भी वित्तीय संबंध हैं। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद में भ्रष्टाचार के माध्यम से अघोषित संपत्ति जमा करने का भी आरोप लगाया गया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
यह महत्वपूर्ण है कि वर्तमान में इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। न ही आयशा हसरुद्दीन खान या हसरुद्दीन खान की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने आया है। आरोपों की सत्यता केवल सक्षम सरकारी एजेंसियों द्वारा की जाने वाली जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
शिकायतकर्ता साबिर खान ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वह इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करें। इस मामले में अध्यक्ष दंपत्ति का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
