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कृषि महोत्सव में बिजली बाधित: कलेक्टर ने एमपीईबी अधिकारियों को नोटिस थमाया

भिंड में बलराम कृषि महोत्सव के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होने से मुख्यमंत्री का संबोधन रुका। कलेक्टर ने एमपीईबी के एसई और एसडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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संवाददाता: दीपेन्द्र बोहरे
कृषि महोत्सव में बिजली बाधित: कलेक्टर ने एमपीईबी अधिकारियों को नोटिस थमाया

संवाददाता: दीपेन्द्र बोहरे

द क्लिफ न्यूज़ | 5 सितंबर 2026

जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम के दौरान विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने पर मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमपीईबी) के अधीक्षक अभियंता (एस.ई.) मनीष गौतम और एसडीओ ईएण्डएम नवाब सिंह परिहार को नोटिस जारी किया है। यह घटना 5 सितंबर 2026 को नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण भिंड में आयोजित कृषि महोत्सव के दौरान हुई, जिससे कार्यक्रम में व्यवधान पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर ने दोनों अधिकारियों को यह नोटिस कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन न करने पर जारी किया है। कलेक्टर कार्यालय, जिला भिंड द्वारा 3 सितंबर 2026 को जारी किए गए एक आदेश में संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। यह आयोजन जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच था, जहाँ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलनी थी।

कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल, मुख्यमंत्री का संबोधन बाधित

5 सितंबर 2026 को दोपहर लगभग 1:15 बजे, जब मुख्यमंत्री अपना संबोधन दे रहे थे, उसी दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण न केवल कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित हुई, बल्कि मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण संदेश को भी सुनने में बाधा उत्पन्न हुई। यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक थी क्योंकि इस प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।

मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान इस तरह का व्यवधान उपस्थित जनसमूह के लिए असुविधाजनक तो था ही, साथ ही यह सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। कृषि महोत्सव जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान होने वाली ऐसी अव्यवस्थाएं, आयोजकों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर करती हैं। इस घटना ने स्पष्ट रूप से दर्शाया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन प्रभावी ढंग से नहीं किया गया था, जिसकी वजह से एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में खलल पड़ा।

अधिकारियों को तत्काल स्पष्टीकरण देने के निर्देश

कलेक्टर मीणा ने इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, जारी किए गए नोटिस में एस.ई. मनीष गौतम और एस.डी.ओ. नवाब सिंह परिहार को तत्काल अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्हें यह बताना होगा कि क्यों उनके रहते हुए इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित हुई, जबकि उन्हें पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे।

यह निर्देश साफ तौर पर इस बात का संकेत देते हैं कि इस मामले को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि दोनों अधिकारी संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नियम के तहत, कदाचार या कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के मामलों में दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है। इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य न केवल जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना है, बल्कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को रोकना भी है, ताकि महत्वपूर्ण सार्वजनिक आयोजनों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।