कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा: छात्रों को सिखाई जाएंगी ग्रामीण कृषि तकनीकें
नर्मदापुरम के कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा में 15 सितंबर 2026 को रावे ओरियंटेशन का आयोजन हुआ। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव और...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 17 सितंबर 2026
नर्मदापुरम स्थित कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा में 15 सितंबर 2026 को अंतिम वर्ष के बी.एससी. कृषि स्नातक विद्यार्थियों के लिए 'रावे' (Rural Agricultural Work Experience) ओरियंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य के व्यावहारिक अनुभव और नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना है। अधिष्ठाता एवं सह संचालक अनुसंधान डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में हुए इस सत्र के दौरान, कृषि विज्ञान केंद्र हरदा में छात्रों और कृषि विज्ञान केंद्र बैतूल में छात्राओं को आगामी गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा समझाई गई।
कार्यक्रम में रावे कॉर्डिनेटर डॉ. साक्षी सिंह ने विद्यार्थियों को आगामी ग्रामीण प्रवास और उससे जुड़ी गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कैसे यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सीखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। सहायक प्राध्यापक एवं डीडीओ डॉ. शोभाराम अंजनावे ने सत्र के प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डाला, जिससे विद्यार्थियों को कार्यक्रम के सुचारू संचालन में सहायता मिल सके।
ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव का प्रशिक्षण
इस ओरियंटेशन का एक प्रमुख पहलू ग्रामीण परिवेश से विद्यार्थियों को जोड़ना रहा। ज़ोनल कृषि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार ने 'सर्वे ऑफ विलेज' (Survey of Village) तकनीक की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को डेटा संग्रह और उसे निर्धारित प्रारूप में भरने की विधियां सिखाईं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी सर्वेक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नवाचारों को किसानों तक पहुँचाने की विधि
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक डॉ. अनसिंह निनामा ने आधुनिक कृषि नवाचारों के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विस्तार से समझाया कि किस प्रकार उन्नत और नई कृषि तकनीकों को सीधे किसानों के खेतों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
यह ओरियंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों की पेशेवर दक्षता विकसित करने और उन्हें कृषि क्षेत्र के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रशिक्षण से युवा भविष्य में कृषि क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए तैयार होंगे और ग्रामीण कृषि के प्रति उनकी समझ को और अधिक व्यापक बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों तथा समाधानों पर गहन चर्चा की।
