कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी निरीक्षण: भोपाल निगम ने दिए 2 दिन
भोपाल नगर निगम ने कोलार रोड और एम.पी. नगर समेत कई इलाकों में कोचिंग सेंटरों का फायर सेफ्टी निरीक्षण किया। संचालकों को 2 दिन में व्यवस्थाएं पूरी कर शपथ पत्र देने की मोहलत दी गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 30 जुलाई 2026
भोपाल नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गहन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, गुरुवार को नगर निगम के फायर ब्रिगेड अमले ने कोलार रोड, एम.पी. नगर सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में स्थित कोचिंग सेंटरों के भवनों का फायर सेफ्टी इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित संस्थानों के संचालकों को दो दिनों के भीतर सभी आवश्यक अग्निशमन व्यवस्थाएं पूरी करने और इस संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करने की मोहलत दी गई है।
निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन के निर्देशों के तहत, फायर ब्रिगेड के दल ने विशेष रूप से कोलार रोड पर स्थित नर्सिंग एकेडमी व लाइब्रेरी, बालाजी लाइब्रेरी, उत्कृष्ट लाइब्रेरी, दानिशकुंज में अर्बन गुरुजी (नीट), कोटरा सुल्तानाबाद में कॉन्सेप्ट कोचिंग, एम.पी. नगर जोन-2 में प्रतिज्ञा सेवा संस्थान, आई.एम.एस कोचिंग, आई.एम.एस. कोचिंग क्लासेस, और आकाश कोचिंग क्लासेस जैसे संस्थानों का निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यह जांचना है कि अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे हो रहे हैं या नहीं।
अग्निशमन उपकरणों की स्थापना पर जोर
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन उपकरण स्थापित करने का कार्य अभी प्रचलन में है, अर्थात कार्य जारी है। अग्निशमन यंत्रों की स्थापना और उनके रखरखाव के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई। संबंधित कोचिंग संचालकों ने अमले से अग्निशमन व्यवस्थाओं को पूरी तरह से क्रियान्वित करने के लिए दो दिनों का अतिरिक्त समय मांगा। उनकी इस निवेदन को स्वीकार करते हुए, निगम अमले ने उन्हें दो दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने और संबंधित शपथ पत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
नगर निगम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित दो दिनों की अवधि में संस्थानों द्वारा अग्निशमन व्यवस्थाएं पूरी नहीं की गईं और शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए, तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम जनसुरक्षा को प्राथमिकता देने और किसी भी संभावित आपातकाल से निपटने की तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। निगम का यह प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोचिंग सेंटर जैसे भीड़भाड़ वाले संस्थान अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें।
