किसानों को मिलेगी अग्रिम खाद, 20 अगस्त से 'हर किसान-हर घर-हर खेत खाद' अभियान
किसानों को उर्वरक वितरण में सुगमता लाने के लिए भारत सरकार की पहल पर 17 अगस्त से खाद की बिक्री फिर से शुरू होगी। 20 अगस्त से विशेष अभियान चलेगा।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 17 अगस्त 2026
किसानों को उर्वरक (खाद) की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, भारत सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। आईएफएमएस पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक का मिलान करने के लिए 14 अगस्त की शाम से उर्वरक बिक्री रोकी गई थी, जिसे अब सोमवार, 17 अगस्त से पुनः शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न किया जा रहा है ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में एक विशेष अभियान 'हर किसान-हर घर-हर खेत खाद' गुरुवार, 20 अगस्त से प्रारंभ होने जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रबी सीजन के लिए आवश्यक खाद किसानों को इसी माह से मिलना प्रारंभ हो जाए। इसके तहत, किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार अग्रिम रूप में खाद उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे बुवाई के महत्वपूर्ण समय में उन्हें किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक यूरिया की कुल उपलब्धता 17.04 लाख मीट्रिक टन रही है, जिसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उठाव किसानों द्वारा किया जा चुका है। वर्तमान में, प्रदेश में 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में उपलब्ध 1.60 लाख मीट्रिक टन की तुलना में काफी अधिक है।
इसी प्रकार, डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) उर्वरकों के मामले में भी स्थिति संतोषजनक है। 1 अप्रैल से अब तक इनकी कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई है, जिसमें से 7.09 लाख मीट्रिक टन का उठाव किसानों द्वारा किया गया है। वर्तमान में 4.10 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके उपलब्ध हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह उपलब्धता 3.00 लाख मीट्रिक टन थी।
एसएसपी की उपलब्धता में भी वृद्धि
सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) की उपलब्धता में भी वृद्धि देखी गई है। 1 अप्रैल से अभी तक प्रदेश में 6.78 लाख मीट्रिक टन एसएसपी की कुल उपलब्धता रही है, जिसमें से 3.61 लाख मीट्रिक टन का उठाव किसानों द्वारा किया गया है। वर्तमान में 3.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भंडारण उपलब्ध है। यह आंकड़े प्रदेश में उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति और किसानों की जरूरतों को पूरा करने की सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
