किसान सम्मान निधि के बहाने 3.53 लाख की धोखाधड़ी, कलेक्ट्रेट में फरियादी
गुना में जनसुनवाई के दौरान दो वृद्धों के नाम पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर 3.53 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीएम किसान सम्मान निधि के नाम पर अंगूठे लगवाकर यह हेरफेर किया।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 4 अगस्त 2026
जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में चांचौड़ा तहसील के ग्राम तेलीगांव से आए पीड़ितों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) का लाभ दिलाने के बहाने हुई धोखाधड़ी की शिकायत कलेक्टर से की है। आरोप है कि दो वृद्धों के नाम पर 3.53 लाख रुपये का फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवा लिया गया।
पीड़ित परिवार की ओर से प्रस्तुत आवेदन में मूर्ति बाई और विद्या बाई ने बताया कि उनके ससुर गंगाराम अहिरवार (वृद्ध) और उनकी बहन भमरी बाई के साथ यह ठगी हुई है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि गांव के ही दशरथ अहिरवार नामक व्यक्ति ने पीएम-किसान योजना के तहत फॉर्म भरवाने का झांसा देकर दोनों बुजुर्गों से उनके अंगूठे लगवा लिए।
फर्जी केसीसी बनवाकर बैंक से की गई धोखाधड़ी
आरोप है कि दशरथ अहिरवार ने मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक की बीनागंज शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक के साथ मिलकर गंगाराम और भमरी बाई के नाम से 3 लाख 53 हजार रुपये का फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड जारी करवा लिया। पीड़ित परिवार को इस गंभीर धोखाधड़ी का पता तब चला, जब वे स्वयं बैंक में क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए पहुंचे।
बैंक में जांच-पड़ताल करने पर मालूम हुआ कि उनकी जमीन (खसरा नंबर 209/2, 421/2, 202/2, कुल रकबा 2.261 हेक्टेयर) पर बैंक द्वारा पहले से ही बंधक (गिरवी) दर्ज किया जा चुका है। इतना ही नहीं, गंगाराम के पैन कार्ड से आरोपी दशरथ अहिरवार का मोबाइल नंबर लिंक पाया गया, जो धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है।
न्याय की गुहार, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
जनसुनवाई में पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और धोखाधड़ी में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस कृत्य से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है, बल्कि उनकी पुश्तैनी जमीन भी खतरे में पड़ गई है। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।
