BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

किराए की कार बेचकर GPS से दोबारा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

भिंड में पुलिस और साइबर सेल ने किराए की कारें बेचकर GPS से दोबारा चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तीन आरोपी गिरफ्तार, चोरी की कार और फर्जी दस्तावेज बरामद।

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
किराए की कार बेचकर GPS से दोबारा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 1 अगस्त 2026

जिले में वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बरोही पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह किराए पर ली गई कारों को फर्जी दस्तावेजों के साथ बेच देता था और बाद में GPS ट्रैकिंग की मदद से उन्हें दोबारा चोरी कर लेता था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में, बरोही थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अतुल भदौरिया और साइबर सेल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्वालियर और गोहद क्षेत्र से तीन संदिग्धों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक वैगनआर कार, रजिस्ट्रेशन कार्ड की फर्जी प्रतियां और 30 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

किराए पर वाहन लेकर धोखाधड़ी

पुलिस को 21 जुलाई को फरियादी पवन भदौरिया से शिकायत मिली थी। उन्होंने एक परिचित के माध्यम से लगभग चार लाख रुपये में एक वैगनआर कार (MP 07 ZJ 9332) खरीदी थी। इसके लिए उन्होंने एक लाख 68 हजार रुपये नकद भुगतान किया था और ई-स्टाम्प पर नोटरी भी कराई थी। विक्रेता ने उन्हें वाहन के रजिस्ट्रेशन कार्ड और पहचान पत्र की प्रतियां भी दी थीं। हालांकि, 26 जुलाई की रात को कार घर के बाहर खड़ी करने के बाद अगली सुबह गायब मिली। इस संबंध में अपराध क्रमांक 47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

GPS की मदद से दोबारा चोरी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ग्वालियर का यह गिरोह पहले चार पहिया वाहन किराए पर लेता था। इसके बाद, वे वाहन के असली रजिस्ट्रेशन कार्ड में नाम और पता बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। फिर, वे इन दस्तावेजों के सहारे जरूरतमंद लोगों को मजबूरियाँ बताकर वाहन बेच देते थे। वाहनों में लगे GPS ट्रैकर की मदद से, बिक्री के कुछ दिनों के भीतर, आरोपी मास्टर चाबी का उपयोग करके चोरी की गई कारों को पुनः चुरा लेते थे।

पूछताछ में आरोपियों ने भिंड देहात (वीटीआई) क्षेत्र से भी एक कार चोरी करना स्वीकार किया है। इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक अतुल भदौरिया, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह के साथ-साथ प्रधान आरक्षक प्रमोद पराशर, गणेश कुमार, सत्येंद्र यादव, त्रिवेंद्र सिंह, मयंक दुबे, नारायण सिंह, मायाराम और आरक्षक आनंद दीक्षित, राहुल यादव, सौरभ कौरव, मुनेश सिंह, विशाल यादव, अनिल तोमर, राहुल शुक्ला एवं विकास चौहान का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है, जिससे इस प्रकार की वाहन चोरी की घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके।