किराए के घर में अंतिम विदाई से वंचित, अस्पताल परिसर में हुई युवती की रस्में
गुना में कैंसर पीड़िता पूजा रजक के अंतिम संस्कार में मकान मालिक द्वारा नवरात्रि का हवाला देकर घर ले जाने से रोकने पर जिला अस्पताल...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 17 अक्टूबर 2026
गुना जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ कैंसर से पीड़ित 31 वर्षीय युवती पूजा रजक को उनके किराए के मकान में अंतिम विदाई भी नसीब नहीं हो सकी। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ने के बाद, मकान मालिक द्वारा नवरात्रि का हवाला देते हुए शव को घर ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। इस विकट परिस्थिति में, परिवार को अस्पताल परिसर के खुले स्थान में ही अंतिम रस्में पूरी करनी पड़ीं।
बदरवास निवासी पहलवान रजक की बेटी पूजा का उपचार पिछले कुछ समय से गुना के जिला अस्पताल में चल रहा था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुई। चार वर्षों से घोसीपुरा में किराए पर रह रहे परिवार को उस छत के नीचे भी बेटी के पार्थिव शरीर को ले जाने की इजाजत नहीं मिली, जहाँ वे निवास करते थे।
सामाजिक सहयोग से संपन्न हुईं अंतिम रस्में
मकान मालिक के इनकार के बाद, परिवार की बेबसी को देखते हुए स्थानीय समाज सेवी प्रमोद भार्गव और गौ सेवक राम सिंह रजक ने मदद का हाथ बढ़ाया। इन सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से, पूजा के अंतिम श्रृंगार और विदाई की रस्में जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के निकट खुले परिसर में ही संपन्न की गईं। खुले आसमान के नीचे नम आँखों से परिजनों ने अपनी बेटी को अंतिम विदाई दी, जो इस घटना की मार्मिकता को और बढ़ा गया।
पति द्वारा दूसरी शादी और बच्चों की बेसहारा स्थिति
जानकारी के अनुसार, पूजा का विवाह कुछ वर्ष पूर्व इंदौर निवासी राकेश लश्करी से हुआ था। परिजनों के गंभीर आरोपों के अनुसार, उनके पति ने दूसरी शादी कर ली थी और पूजा के बीमार होने पर उन्हें ससुराल से अलग कर दिया था। इस संबंध में पूर्व में मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। मृत्यु के उपरांत, पति और उनकी दूसरी पत्नी इंदौर से गुना पहुंचे और अस्पताल परिसर में रस्मों में शामिल हुए। पूजा की असामयिक मृत्यु के बाद उनके तीन छोटे बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं, जिनकी भविष्य की चिंता भी परिवार पर मंडरा रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
