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खुले में बायोमेडिकल कचरा फेंकना पड़ा महंगा, अस्पताल पर लगा ₹15,000 का जुर्माना

नर्मदापुरम नगरपालिका ने मीणा फ्रेक्चर अस्पताल पर बायोमेडिकल कचरा खुले में फेंकने पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। राशि तीन दिनों के भीतर...

Jul 23
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खुले में बायोमेडिकल कचरा फेंकना पड़ा महंगा, अस्पताल पर लगा ₹15,000 का जुर्माना

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 23 जुलाई 2026

नर्मदापुरम नगरपालिका ने स्वास्थ्य और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने पर मीणा फ्रेक्चर अस्पताल पर 15,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। अस्पताल प्रबंधन को यह राशि तीन दिनों के भीतर नगरपालिका कार्यालय में जमा करनी होगी। यह कार्रवाई मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख के निर्देशन में की गई है।

स्वच्छ भारत अभियान प्रभारी एवं स्वच्छता निरीक्षक अनुराग तिवारी ने बताया कि 23 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान अस्पताल के सामने बड़ी मात्रा में बायोमेडिकल कचरा फैला हुआ पाया गया। इस कचरे में सिरिंज, इंजेक्शन, दवाइयों की बोतलें और प्लास्टर की पट्टियां शामिल थीं।

बायोमेडिकल कचरा निस्तारण की अनदेखी

श्री तिवारी ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के नियम 4 के अनुसार, अस्पतालों को अपने मेडिकल कचरे का सुरक्षित और उचित निपटान स्वयं करना अनिवार्य है। इसके बावजूद, मीणा फ्रेक्चर अस्पताल द्वारा इस नियम की घोर अनदेखी की जा रही थी।

स्वच्छता निरीक्षक ने आगे बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों और प्रबंधन को पहले भी कई बार सड़कों पर मेडिकल कचरा न फेंकने के लिए समझाया गया था। लेकिन, बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अस्पताल में सुधार के कोई संकेत नहीं मिले।

आवासीय क्षेत्र में बीमारी का खतरा

खुले में मेडिकल कचरा फेंकने से आवासीय क्षेत्रों में गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया था। स्थानीय निवासियों ने भी इस संबंध में कई शिकायतें नगरपालिका से की थीं। नागरिकों की शिकायतों और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नगरपालिका ने यह सख्त कदम उठाया है।

अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर जुर्माने की राशि जमा करें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो नगरपालिका आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए मामले को न्यायालय में भेजेगी।