खंडवा: डायल-112 जवानों ने भटके हुए बच्चों को सुरक्षित पहुँचाया परिजनों तक
खंडवा के थाना पंधाना में डायल-112 की तत्परता से 08 और 06 साल के दो भटके हुए बच्चे सुरक्षित घर लौट पाए। पुलिस ने संवेदनशीलता से बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया।

द क्लिफ न्यूज़ | खंडवा | 20 अगस्त 2026
खंडवा जिले के थाना पंधाना क्षेत्र में डायल-112 के जवानों ने अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए रात में घर का रास्ता भटक गए आठ और छह साल के दो मासूमों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया। समय पर की गई इस सहायता से दोनों बच्चे सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सके, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।
यह घटना 19 अगस्त की मध्यरात्रि में तब सामने आई जब राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को ग्राम खिराला से सूचना मिली कि दो बच्चे मिले हैं जो अपना घर का रास्ता भटक गए हैं और उन्हें पुलिस सहायता की तत्काल आवश्यकता है। सूचना मिलते ही पंधाना थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 के वाहन को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।
डायल-112 टीम की त्वरित कार्यवाही
घटनास्थल पर पहुँचने वाले डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री धर्मेंद्र और पायलट श्री बबलू ने बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बच्चों के साथ स्नेहपूर्वक बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि वे लिंगी फाटा गाँव के रहने वाले हैं और खेलते-खेलते घर से काफी दूर निकल गए थे, जिसके कारण वे रास्ता भटक गए।
डायल-112 के जवान दोनों बच्चों को लेकर लिंगी फाटा गाँव पहुँचे और आसपास के क्षेत्र में उनके परिजनों की तलाश शुरू की। पूछताछ और खोजबीन के दौरान बच्चों के परिजन मिल गए। आवश्यक पहचान और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, दोनों बच्चों को सकुशल उनके चिंतित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जनता की सेवा में डायल-112
बच्चों को सुरक्षित पाकर उनके परिजनों ने डायल-112 सेवा और पुलिस जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता तथा त्वरित कार्यवाही की हृदय से सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया।
यह घटना 'डायल-112 हीरोज' श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो यह दर्शाता है कि यह सेवा केवल आपातकालीन सहायता तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, यह आमजन, विशेषकर बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डायल-112 सेवा मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
