BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

खाद्य सुरक्षा कानून में संशोधन की मांग, बरेली के व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन

बरेली के व्यापारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में व्यावहारिक सुधारों और कारोबारियों को राहत देने की मांग करते हुए 15 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम...

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: इज़हार आलम
खाद्य सुरक्षा कानून में संशोधन की मांग, बरेली के व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम

द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 14 अक्टूबर 2026

बरेली जिला कलेक्ट्रेट में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आ रही चुनौतियों के निस्तारण की मांग को लेकर व्यापारियों ने अपनी आवाज उठाई है। जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) कुमारी पूनम भास्कर को सौंपा। इस ज्ञापन में मौजूदा नियमों में व्यावहारिक सुधार लाने और कारोबारियों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से राहत देने से संबंधित 15 प्रमुख मांगें शामिल की गई हैं।

नमूना जांच प्रक्रिया में सुधार की मांग

व्यापारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग और जांच प्रक्रिया में सुधार की विशेष मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों के नमूने लेते समय, यदि निर्माता को पक्षकार बनाया जाता है, तो फॉर्म 5-ए की प्रति पंजीकृत डाक से तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने मांग की है कि नमूनों की जांच रिपोर्ट 14 दिनों के भीतर जारी की जाए। यह भी आग्रह किया गया है कि केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही किसी खाद्य सामग्री को जब्त करने या नष्ट करने की कार्रवाई की जाए, ताकि तत्काल निर्णय लेने से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।

मानकों में शिथिलता और राहत का आग्रह

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मानकों में मामूली कमी को अधोमानक (sub-standard) माना जाए, जबकि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व पाए जाने पर ही खाद्य सामग्री को असुरक्षित घोषित किया जाना चाहिए। इस मांग के पीछे व्यापारियों का तर्क है कि छोटी-मोटी कमियों के लिए बड़ी कार्रवाई से कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने निजी प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई रोकने और सरकारी सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी पुरजोर मांग उठाई है।

कृषि उत्पादों की गुणवत्ता पर चिंता

व्यापारियों ने कृषि में कीटनाशकों और दूषित जल के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इन कारकों को ध्यान में रखते हुए कृषि उत्पादों के लिए गुणवत्ता मानक तय किए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिल सके और किसानों को भी उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो। ज्ञापन में कहा गया है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रशासन की प्राथमिकता कारोबारियों को अनावश्यक उत्पीड़न से बचाना भी होनी चाहिए। इस दौरान जिला महासचिव कमल गुप्ता, मीडिया प्रभारी डॉ. मुदित प्रताप सिंह, प्रदीप गर्ग, एडवोकेट आशु, गौरव गर्ग, जाकिर हुसैन, परवेज आलम, जावेद आलम, उबैस अख्तर अंसारी और तहसीम रजा सहित सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।

संबंधित समाचार