केजरीवाल का PM की फास्ट-ट्रैक कोर्ट घोषणा पर पलटवार, बोले- छात्र चाहते हैं शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर PM की फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा को छात्रों की मांगों से भटकाने वाला कदम बताया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा को छात्रों की वास्तविक मांगों से ध्यान भटकाने वाला कदम करार दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में घोषणा की है कि पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश में पहले से ही पोक्सो और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट मौजूद हैं, लेकिन कई मामलों में वहां भी सुनवाई अपेक्षित गति से नहीं हो पाती। उनका मानना है कि केवल एक नई घोषणा करने भर से परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अनियमितताओं और छात्रों के बढ़ते आक्रोश का समाधान नहीं होगा।
छात्रों की मुख्य मांग पर जोर
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की घोषणा का उद्देश्य छात्रों के मूल मुद्दे से ध्यान हटाना है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर के छात्र लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करते हुए उनसे इस्तीफा लेना है। केजरीवाल ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर मामले में सरकार को प्रतीकात्मक घोषणाओं के बजाय ठोस और जवाबदेह कार्रवाई करनी चाहिए।
आंदोलन को दबाने का प्रयास
उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। केजरीवाल ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग और लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं घायल छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। केजरीवाल ने सरकार से अपील की कि वह छात्रों के साथ संवाद स्थापित करे, उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
जारी है छात्रों का विरोध प्रदर्शन
इस बीच, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। सरकार ने पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का ऐलान किया है, जबकि विपक्ष इस कदम को पर्याप्त नहीं मानते हुए जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़ा हुआ है।
