कायमगंज में सपा की जन चौपाल: 2027 चुनाव की बिसात बिछी, पीडीए एकजुटता पर जोर
फर्रुखाबाद के कायमगंज विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने पीडीए जन पंचायतों का आयोजन कर आगामी 2027 के चुनावों के लिए चुनावी बिगुल फूंका। पूर्व...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 14 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों ने जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में फर्रुखाबाद के कायमगंज विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने 'पीडीए जन चौपाल' और 'जन पंचायतों' का आयोजन कर आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। ग्राम पुरौरी, सिवारा रोड कंपिल और सिकंदरपुर में आयोजित इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
इन जन चौपालों में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे फतेहपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दलजीत निषाद ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के संरक्षण में प्रदेश में गुंडागर्दी बढ़ी है और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। निषाद ने किसानों की दुर्दशा का उल्लेख करते हुए कहा कि 'आय दोगुनी करने' के सरकारी वादे के बावजूद किसानों को खाद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और फसल का उचित मूल्य न मिलने से वे आत्महत्या को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की आत्महत्या के आंकड़े जारी करना भी बंद कर दिया है, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षित युवाओं के भविष्य पर पेपर लीक के अभिशाप का जिक्र करते हुए निषाद ने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में पूरा पीडीए समाज एकजुट होकर भाजपा को हराएगा और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा।
प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर पूर्व विधायक का वार
कार्यक्रम के आयोजक और कायमगंज के पूर्व विधायक अजीत कठेरिया ने स्थानीय प्रशासन और सरकारी व्यवस्थाओं पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने थाने और तहसील को भ्रष्टाचार का प्रमुख अड्डा बताते हुए कहा कि यहां आम लोगों को न्याय के लिए परेशान होना पड़ता है। कठेरिया ने आरोप लगाया कि लेखपाल और पंचायत सचिवों ने गांवों में अपने एजेंट बिठा रखे हैं, जिनके माध्यम से गरीब और अशिक्षित लोगों का शोषण किया जा रहा है और वे ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रदेश में अपराध की बढ़ती दर पर चिंता व्यक्त की।
इन जन पंचायतों में अजीत यादव, इलियास मंसूरी, बबलू कठेरिया, नाजिम कुरैशी, इंद्रेश यादव, रियासुद्दीन, डॉ. मुन्नालाल बाथम, अनुराग बाथम, मानसिंह बाथम, रामभरोसे बाथम, भूपाल सिंह शाक्य, डॉ. किशनपाल कश्यप और जहीर खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। यह आयोजन आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी द्वारा की जा रही जनसंपर्क गतिविधियों की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
